दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की नहीं दी इजाजत: धारा 163 लागू, भारी सुरक्षा बल तैनात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होने वाले एक बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर दस अक्टूबर को आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। शहर में शांति व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात को सुचारू बनाए रखने का हवाला देते हुए पुलिस ने यह बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद राजधानी के लुटियंस जोन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दी गई है।
प्रदर्शन की अनुमति न देने के पीछे पुलिस प्रशासन ने कई गंभीर सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने की संभावना थी, जिससे मुख्य दिल्ली के यातायात और आम जनता की दैनिक आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। इसके अलावा, नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के मद्देनजर पहले से ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। इस कानून के लागू रहते किसी भी स्थान पर बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने या सार्वजनिक सभा करने पर पूरी तरह से रोक रहती है।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदम
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहाँ कई महत्त्वपूर्ण प्रशासनिक और सरकारी इमारतें स्थित हैं। ऐसे में यदि किसी बड़े विरोध प्रदर्शन को आयोजित करने की ढील दी जाती, तो प्रदर्शनकारियों की भीड़ सुरक्षा घेरा तोड़कर वीआईपी इलाकों की ओर बढ़ने का प्रयास कर सकती थी। सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी तरह के व्यवधान को रोकने और किसी अनहोनी से निपटने के लिए ही यह एहतियाती निर्णय लिया गया है।
मध्य दिल्ली के रास्तों पर पुलिस का सख्त पहरा
इजाजत न मिलने के बावजूद संभावित जमावड़े की खबरों को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जंतर-मंतर की ओर आने वाले सभी रास्तों पर कड़े सुरक्षा बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नई दिल्ली जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियां लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं, ताकि शहर के किसी भी हिस्से में अव्यवस्था का माहौल न बन सके।
सार्वजनिक परिवहन और यातायात पर पड़ रहा प्रभाव
राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के चलते सार्वजनिक परिवहन और सामान्य ट्रैफिक पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों का इस्तेमाल करने से बचें और वैकल्पिक मार्गों का चयन करें। इसके साथ ही, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं जैसे मेट्रो और बसों के जरिए शहर में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जांच भी तेज कर दी गई है ताकि किसी भी तरह के अनधिकृत समूह को प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने से रोका जा सके।
कानून-व्यवस्था का पालन न करने पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी संगठन या व्यक्ति पुलिस के निर्देशों का उल्लंघन कर जंतर-मंतर या आसपास के क्षेत्रों में इकट्ठा होने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से संदेश जारी कर अपील की है कि लोग कानून का पालन करें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
नागरिकों और यात्रियों के लिए प्रशासनिक परामर्श
वीकेंड के दौरान दिल्ली की सड़कों पर निकलने वाले आम नागरिकों और बाहर से आने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट्स की जानकारी ले लें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि इस पूरी सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित रखना और शहर के सामान्य जीवन को सुचारू बनाए रखना है। स्थिति सामान्य होते ही सभी अस्थाई प्रतिबंधों को हटा लिया जाएगा।
