प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान कहा कि विकसित तमिलनाडु से ही विकसित भारत का संकल्प होगा साकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेन्नई दौरा और विकास की नई प्रतिबद्धता
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चेन्नई के दौरे के दौरान एक भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने तमिलनाडु के विकास को लेकर केंद्र सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पूरी मजबूती के साथ दोहराया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर तमिलनाडु को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। इस दौरे ने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
शुरुआत नवरात्रि की शुभकामनाओं और महापुरुषों को नमन के साथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को नवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि शिव और शक्ति की इस पवित्र भूमि तमिलनाडु में इस विशेष अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। कार्यक्रम से पहले उन्हें प्रसिद्ध जलकंडेश्वर मंदिर में जाकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का अनमोल अवसर भी मिला। इसके अलावा, उन्होंने देश के महान नेताओं भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती का विशेष उल्लेख किया और दोनों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का एक अनूठा उदाहरण है।
सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विज्ञान का अनूठा संगम
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईआईटी मद्रास के ब्रेन रिसर्च सेंटर का दौरा करना और चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण के नेटवर्क की पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाना उनके इस दौरे के सबसे प्रेरणादायक पल रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर से लेकर आधुनिक मेट्रो तक का यह सफर आज के नए भारत की असली भावना को दर्शाता है। देश आज अपनी प्राचीन सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से प्रेरणा ले रहा है, साथ ही विज्ञान और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के बल पर भविष्य की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
राज्यों के सशक्तिकरण से ही देश की मजबूत प्रगति
अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने याद किया कि अक्टूबर 2001 में मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद से उन्हें राज्य और फिर केंद्र स्तर पर देश की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने हमेशा से ही राज्यों की प्रगति को राष्ट्र की समग्र प्रगति का मुख्य आधार माना है। मुख्यमंत्री के रूप में काम करते समय उन्हें क्षेत्रीय आकांक्षाओं और जरूरतों को बेहद करीब से समझने का मौका मिला, जो आज प्रधानमंत्री के रूप में देशहित के फैसले लेते समय उनके बहुत काम आता है। केंद्र सरकार का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि हर राज्य को उसकी विकास यात्रा में पूरा सहयोग मिले।
तमिलनाडु की भलाई के लिए मिलकर काम करने का संकल्प
प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ हुए संवादों को याद किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन तमिलनाडु के चहुंमुखी विकास और यहां के मेहनतकश लोगों की सेवा करने का उनका संकल्प हमेशा एक जैसा मजबूत रहा है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर राज्य के विकास के इस रथ को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को हर संभव मदद और सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
शहरी परिवहन व्यवस्था और मेट्रो नेटवर्क का बड़ा विस्तार
शहरी विकास के मुद्दे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में आधुनिक शहरीकरण केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि शहरों के बढ़ते दायरे को केवल एक चुनौती के रूप में देखने के बजाय इसे नए अवसरों के रूप में बदलना चाहिए। इस दिशा में सार्वजनिक परिवहन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि सुगम यातायात व्यवस्था आम जनता के जीवन को आसान बनाती है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 25 शहरों तक पहुंच चुकी है।
मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में ऐतिहासिक उछाल
देश के औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 2014 की तुलना में आज देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 11 गुना और रक्षा निर्यात 50 गुना तक बढ़ चुका है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पूरी सफलता में तमिलनाडु के लोगों और उद्योगों की भूमिका बहुत ही सराहनीय रही है, जिसके दम पर भारत आज वैश्विक स्तर पर मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा हब बन चुका है।
थूथुकुडी बंदरगाह के विकास के लिए बड़ा वित्तीय निवेश
समुद्री व्यापार और शिपिंग क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि केंद्र सरकार लगभग 17,000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश के माध्यम से थूथुकुडी स्थित वी. ओ. चिदंबरनार पोर्ट को एक विश्वस्तरीय मेगा कंटेनर और ग्रीन एनर्जी हब के रूप में विकसित कर रही है। जब यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी हो जाएगी, तो यह बंदरगाह दुनिया के सबसे विशालकाय कंटेनर जहाजों को भी आसानी से संभाल सकेगा। इससे तमिलनाडु अंतरराष्ट्रीय व्यापार और लॉजिस्टिक्स के नक्शे पर एक ग्लोबल सेंटर के रूप में उभरेगा।
विकसित तमिलनाडु के जरिए विकसित भारत का निर्माण
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि जब तक देश के सभी राज्य आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त नहीं होंगे, तब तक एक मजबूत राष्ट्र का सपना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने तमिलनाडु में मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक परिवहन और बंदरगाहों के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को गति देने का वादा किया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के इस साझा प्रयासों से एक विकसित तमिलनाडु का निर्माण होगा, जो अंततः ‘विकसित भारत’ के हमारे महान संकल्प को पूरा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
