भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 111 करोड़ के पार, ब्रॉडबैंड ग्राहकों में बढ़ोतरी

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भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन भुगतान, सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग और इंटरनेट आधारित कारोबार के विस्तार के बीच देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं का आधार और बड़ा हो गया है। जून 2026 के अंत तक भारत में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या 111 करोड़ 41 लाख से अधिक पहुंच गई। मार्च 2026 के अंत में यह आंकड़ा लगभग 109 करोड़ 28 लाख था। इस तरह एक तिमाही के दौरान इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह वृद्धि बताती है कि देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी की मांग लगातार बनी हुई है। मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं का इस्तेमाल भी डिजिटल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। हालांकि, इंटरनेट उपभोक्ताओं की कुल संख्या और वास्तविक व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं की संख्या में अंतर हो सकता है, क्योंकि एक व्यक्ति के पास एक से अधिक कनेक्शन भी हो सकते हैं।

भारत में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या में बड़ा इजाफा

जून 2026 के अंत तक भारत में इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 111.41 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि मार्च के अंत में यह लगभग 109.28 करोड़ थी। इन दोनों आंकड़ों के बीच करीब 2.13 करोड़ इंटरनेट कनेक्शनों की वृद्धि दिखाई देती है। इससे देश में इंटरनेट सेवाओं के विस्तार की गति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इंटरनेट का बढ़ता उपयोग अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी लोग पढ़ाई, रोजगार, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और मनोरंजन के लिए ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हो रहे हैं। स्मार्टफोन की उपलब्धता और मोबाइल नेटवर्क के विस्तार ने इस बदलाव को गति दी है।

वायरलेस इंटरनेट ग्राहकों की संख्या सबसे ज्यादा

भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं के बीच वायरलेस कनेक्शन का हिस्सा सबसे बड़ा है। जून 2026 के अंत तक देश में लगभग 106 करोड़ 64 लाख वायरलेस इंटरनेट ग्राहक थे। इसके मुकाबले वायर्ड इंटरनेट ग्राहकों की संख्या 4 करोड़ 70 लाख से अधिक रही।

वायरलेस इंटरनेट में मुख्य रूप से मोबाइल नेटवर्क के जरिए इस्तेमाल की जाने वाली इंटरनेट सेवाएं शामिल होती हैं। स्मार्टफोन पर वीडियो देखना, सोशल मीडिया चलाना, डिजिटल भुगतान करना और ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेना इसके प्रमुख उपयोग हैं।

दूसरी ओर, वायर्ड इंटरनेट सेवाओं में फाइबर ब्रॉडबैंड और अन्य स्थिर इंटरनेट कनेक्शन शामिल होते हैं। इनका इस्तेमाल घरों, कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। स्थिर और तेज इंटरनेट की जरूरत बढ़ने के कारण ब्रॉडबैंड कनेक्शन भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

ब्रॉडबैंड ग्राहकों में 2.03 प्रतिशत की वृद्धि

इंटरनेट बाजार में ब्रॉडबैंड सेवाओं की स्थिति भी मजबूत दिखाई दे रही है। जून 2026 के अंत तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट ग्राहकों की संख्या में पिछली तिमाही के मुकाबले 2.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके विपरीत, नैरोबैंड इंटरनेट ग्राहकों की संख्या में 0.89 प्रतिशत की गिरावट आई।

ब्रॉडबैंड सेवाएं अपेक्षाकृत तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती हैं। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल शिक्षा, क्लाउड सेवाओं और उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो देखने के लिए तेज इंटरनेट की जरूरत होती है। इसी कारण उपभोक्ताओं और कारोबारों के बीच ब्रॉडबैंड कनेक्शन का महत्व बढ़ रहा है।

नैरोबैंड ग्राहकों की संख्या में गिरावट यह संकेत दे सकती है कि इंटरनेट उपभोक्ता बेहतर गति और अधिक सुविधाओं वाले कनेक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, केवल इन आंकड़ों के आधार पर प्रत्येक उपभोक्ता के कनेक्शन बदलने की वजह निश्चित नहीं की जा सकती।

टेलीफोन ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी

इंटरनेट के साथ भारत में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2026 के अंत में देश में टेलीफोन ग्राहकों की कुल संख्या लगभग 133 करोड़ थी, जो जून 2026 के अंत तक बढ़कर करीब 134 करोड़ पहुंच गई।

इस दौरान टेलीफोन ग्राहक आधार में तिमाही आधार पर 1.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा देश में दूरसंचार सेवाओं की निरंतर मांग को दर्शाता है। मोबाइल फोन आज संचार के साथ-साथ बैंकिंग, खरीदारी, मनोरंजन, शिक्षा और कई सरकारी सेवाओं तक पहुंचने का माध्यम भी बन चुके हैं।

टेली-डेंसिटी बढ़कर 94.31 प्रतिशत हुई

भारत में टेली-डेंसिटी भी बढ़ी है। मार्च 2026 के अंत में यह 93.26 प्रतिशत थी, जो जून 2026 के अंत तक बढ़कर 94.31 प्रतिशत हो गई। टेली-डेंसिटी किसी क्षेत्र की कुल आबादी के मुकाबले टेलीफोन कनेक्शनों के अनुपात को दर्शाती है।

इसमें बढ़ोतरी दूरसंचार सेवाओं की पहुंच में विस्तार का संकेत देती है। हालांकि, टेली-डेंसिटी को सीधे तौर पर उन लोगों का प्रतिशत नहीं माना जा सकता जिनके पास फोन है, क्योंकि एक व्यक्ति के पास कई कनेक्शन हो सकते हैं।

डिजिटल भारत के लिए क्या हैं इसके मायने?

इंटरनेट ग्राहकों की बढ़ती संख्या भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। अधिक कनेक्टिविटी से ऑनलाइन कारोबार, डिजिटल भुगतान, दूरस्थ शिक्षा, टेलीमेडिसिन और इंटरनेट आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।

आने वाले समय में इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता, किफायती डेटा प्लान, ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की उपलब्धता और डिजिटल सुरक्षा जैसे मुद्दे भी अहम रहेंगे। केवल इंटरनेट कनेक्शन बढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और तेज सेवा मिलना भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, जून 2026 के आंकड़े भारत में इंटरनेट और दूरसंचार क्षेत्र के विस्तार की तस्वीर पेश करते हैं। वायरलेस कनेक्शन की बड़ी हिस्सेदारी और ब्रॉडबैंड ग्राहकों में वृद्धि यह दिखाती है कि देश में डिजिटल सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।

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