एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन, 88 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंचा देश

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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। देश के पैरा एथलीट्स ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के दम पर कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। भारत ने अब तक कुल 88 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।

अंजानाबेन और दिलीप ने 400 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण

महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में अंजानाबेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी गति, एकाग्रता और दृढ़ संकल्प ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंजानाबेन भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगी।

पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में एक और इजाफा किया। अपने पिछले खिताब को बरकरार रखना उनकी बड़ी उपलब्धि रही। प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि लगातार बेहतर प्रदर्शन करना उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

सोलैराज धर्मराज ने एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर जीता गोल्ड

पुरुषों की लॉन्ग जंप टी44, टी62 और टी64 स्पर्धा में सोलैराज धर्मराज ने शानदार छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने अपना ही एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर एक बार फिर अपनी क्षमता साबित की। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

लॉन्ग जंप में खिलाड़ी की गति, संतुलन, तकनीक और छलांग के समय सही तालमेल की अहम भूमिका होती है। सोलैराज ने इन सभी पहलुओं में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।

स्वाति चौधरी ने पैरा तीरंदाजी में रचा इतिहास

भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए स्वाति चौधरी की उपलब्धि खास रही। उन्होंने महिलाओं की डब्ल्यू1 आर्चरी स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इस वर्ग में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया। अपने पहले ही टूर्नामेंट में पदक जीतना उनके आत्मविश्वास और मेहनत को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वाति की सराहना करते हुए कहा कि उनका दृढ़ संकल्प प्रशंसनीय है। इस उपलब्धि से भारतीय पैरा तीरंदाजी को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्वाति का प्रदर्शन उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।

सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण

महिलाओं की डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में सुवर्णा राज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। प्रधानमंत्री ने उनकी सफलता को कड़ी मेहनत, लगन और खेल में उत्कृष्टता हासिल करने के प्रति समर्पण का परिणाम बताया।

पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुरूप तकनीक और अभ्यास पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। सुवर्णा की उपलब्धि भारतीय खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है।

पैरा बैडमिंटन में भारतीय जोड़ियों ने जीते कांस्य पदक

पैरा बैडमिंटन में भी भारत के खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। प्रमोद भगत और मनीषा रामदास की जोड़ी ने मिक्स्ड डबल्स एसएल3-एसयू5 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। पूरे टूर्नामेंट में दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल, संघर्ष करने की क्षमता और प्रतिस्पर्धी भावना देखने को मिली।

मिक्स्ड डबल्स एसएच6 स्पर्धा में नित्या श्री सुमति सिवन और कृष्णा नागर ने भी कांस्य पदक हासिल किया। प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता भारतीय पैरा बैडमिंटन के लिए गर्व का क्षण है।

पुरुषों की सिंगल्स एसएल4 स्पर्धा में सुहास एल. यथिराज ने कांस्य पदक जीता। अपने अनुभव और निरंतर प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले सुहास ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रधानमंत्री ने उनकी लगन और खेल के प्रति जुनून की सराहना की।

पैरा टेबल टेनिस में भाविना पटेल और शुभम वाधवा की उपलब्धि

भारतीय पैरा टेबल टेनिस में भाविना पटेल और शुभम वाधवा ने मिक्स्ड डबल्स क्लास एक्सडी7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना गया, क्योंकि इन खेलों में इस वर्ग के मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में भारत का यह पहला पदक बताया गया।

दोनों खिलाड़ियों ने अपने तालमेल और दृढ़ संकल्प से देश का मान बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को भारतीय पैरा टेबल टेनिस के लिए ऐतिहासिक बताते हुए भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।

शीतल देवी ने एक ही दिन जीते दो स्वर्ण पदक

भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन दो स्वर्ण पदक जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने टोमन कुमार के साथ पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानेबाजी उनकी जीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे।

इसके अलावा शीतल देवी ने महिलाओं की व्यक्तिगत पैरा कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता और अपना खिताब बरकरार रखा। लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में गोल्ड जीतना उनकी निरंतरता और कौशल का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी सफलता की कामना की।

तेजलबेन दामोर ने रजत पदक जीतकर बढ़ाया भारत का गौरव

महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में तेजलबेन दामोर ने रजत पदक हासिल किया। उनकी गति, दृढ़ संकल्प और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश ने उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाया।

प्रधानमंत्री ने तेजलबेन को बधाई देते हुए उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। उनकी सफलता ने एशियन पैरा गेम्स में भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया।

88 पदकों के साथ भारत की मजबूत स्थिति

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन दर्शाता है कि देश के पैरा खिलाड़ी विभिन्न खेलों में लगातार अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं। 21 स्वर्ण, 26 रजत और 41 कांस्य सहित कुल 88 पदकों के साथ भारत पांचवें स्थान पर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खिलाड़ियों को दी गई बधाइयां उनकी उपलब्धियों के प्रति सम्मान को दर्शाती हैं। एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्य स्पर्धाओं में मिली सफलताएं भारतीय पैरा खेलों के बढ़ते दायरे को सामने लाती हैं।

इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां केवल पदकों तक सीमित नहीं हैं। उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और लगातार बेहतर करने का जज्बा देश के युवाओं को प्रेरित करता है। भारतीय दल का यह प्रदर्शन भविष्य में पैरा खेलों को और प्रोत्साहन देने तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश की स्थिति मजबूत करने की उम्मीद जगाता है।

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