यूआईडीएआई का बड़ा अपडेट: स्कूली बच्चों के 2 करोड़ से ज्यादा अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे, 30 सितंबर 2026 तक एमबीयू मुफ्त

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बच्चों के आधार से जुड़े अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट यानी एमबीयू को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देशभर के स्कूली बच्चों के 2 करोड़ से अधिक अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे किए जा चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के आधार रिकॉर्ड में उनकी बायोमेट्रिक जानकारी को समय पर अपडेट करना और भविष्य में आधार प्रमाणीकरण से जुड़ी परेशानियों को कम करना है।
इस अभियान को स्कूलों तक पहुंचाने में शिक्षा से संबंधित यूडीआईएसई+ सिस्टम के साथ तकनीकी एकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके जरिए स्कूलों को यह जानकारी मिल रही है कि किन बच्चों का एमबीयू लंबित है। सितंबर 2025 में शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक देश के 1.56 लाख से अधिक स्कूलों को कवर किया जा चुका है। स्कूल स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां बच्चों को आधार बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इस व्यवस्था से बच्चों और उनके अभिभावकों को आधार केंद्रों पर अलग से जाने की जरूरत कम हुई है। स्कूलों में ही सुविधा उपलब्ध होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चों का एमबीयू आसानी से पूरा हो रहा है। यूआईडीएआई और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
दरअसल, पांच साल से कम उम्र के बच्चे का आधार बनाते समय मुख्य रूप से उसकी जनसांख्यिकीय जानकारी और फोटो दर्ज की जाती है। इस उम्र में उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली से संबंधित बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज नहीं की जाती, क्योंकि बच्चों के बायोमेट्रिक्स उम्र बढ़ने के साथ विकसित होते हैं। इसी वजह से आगे चलकर आधार में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट करना जरूरी होता है।
बच्चे के पांच साल की उम्र पूरी करने पर पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट किया जाता है। इसके बाद 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर दूसरा एमबीयू आवश्यक होता है। समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने से बच्चों को स्कूल, उच्च शिक्षा, परीक्षाओं और उन सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होती है, जहां आधार प्रमाणीकरण की जरूरत पड़ती है।
बच्चों और अभिभावकों को एमबीयू के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर 2025 से 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक साल की अवधि तक एमबीयू शुल्क माफ किया गया है। वहीं 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एमबीयू पहले से ही निःशुल्क है। इस तरह 30 सितंबर 2026 तक 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एमबीयू मुफ्त उपलब्ध है।
समय पर एमबीयू नहीं कराने पर भविष्य में आधार प्रमाणीकरण के दौरान दिक्कत आ सकती है। इसका असर सरकारी योजनाओं और लाभ लेने के अलावा NEET, JEE और CUET जैसी परीक्षाओं के पंजीकरण या अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भी पड़ सकता है। ऐसे में अभिभावकों से बच्चों के आधार की एमबीयू स्थिति जांचने और समय रहते बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कराने की अपील की जा रही है।
