तमिलनाडु में बड़ा ऐलान: स्वास्थ्य बीमा कवरेज 5 लाख से बढ़कर 25 लाख, सभी विधायकों को सरकारी गाड़ी

तमिलनाडु सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं और जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता से जुड़ी दो बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले सालाना कवरेज को पांच गुना बढ़ाने का ऐलान किया। अब योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को 5 लाख रुपये की जगह 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज मिलने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही राज्य विधानसभा के सभी 234 विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराने का फैसला भी सामने आया है।
विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधा तक पहुंच हर व्यक्ति का अधिकार है। उनका कहना था कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी परिवार को जरूरी इलाज से वंचित नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य बीमा की सीमा बढ़ाने का उद्देश्य लोगों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देना और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है।
सरकार के अनुसार, बढ़े हुए स्वास्थ्य बीमा कवरेज से उन परिवारों को विशेष लाभ मिल सकता है, जिन्हें गंभीर बीमारियों या महंगे उपचार के दौरान आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। कवरेज बढ़ने से इलाज के लिए परिवारों की अपनी जेब से होने वाली संभावित लागत कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार ने इस कदम को वित्तीय और भौगोलिक बाधाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के सभी 234 सदस्यों के लिए भी एक सहायता पैकेज की घोषणा की। इसके तहत प्रत्येक विधायक को निर्वाचन क्षेत्र में आने-जाने और लोगों से जुड़ी समस्याओं को समझने के लिए सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि विधायकों को अपने क्षेत्रों में लगातार दौरे करने, विकास कार्यों का निरीक्षण करने और अधिकारियों के साथ समन्वय करने की जरूरत होती है।
सरकारी वाहन के साथ प्रत्येक विधायक को ड्राइवर, ईंधन और वाहन के रखरखाव से जुड़े खर्चों के लिए हर महीने 75 हजार रुपये का भत्ता भी दिए जाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े पत्राचार और दूसरे आधिकारिक कार्यों में सहायता के लिए हर विधायक को एक सचिव नियुक्त करने के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह का अनुदान देने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा विधानसभा में कई विधायक पहली बार चुने गए हैं और कुछ सदस्य सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। ऐसे में उनके लिए लगातार क्षेत्र का दौरा करना और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियां निभाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकारी वाहन और अन्य सहायता मिलने से विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी तरीके से काम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह मांग विधानसभा में विधायक जोतिमणि की ओर से भी उठाई गई थी। उन्होंने पर्याप्त लॉजिस्टिक सहायता के बिना विधायकों के लिए प्रभावी ढंग से काम करने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा उठाया था।
हालांकि, सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि सभी 234 विधायकों को वाहन, भत्ते और सचिव अनुदान उपलब्ध कराने पर कुल कितना वित्तीय खर्च आएगा। इन सुविधाओं को कब से लागू किया जाएगा, इसकी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है।
