अमित शाह ने सिलीगुड़ी में एसएसबी परियोजनाओं की रखी आधारशिला, सीमा सुरक्षा और बंगाल राजनीति पर दिए बड़े बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के मुख्यालय का दौरा किया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर लगभग 189 करोड़ रुपये की कुल लागत से एसएसबी के विभिन्न शिविरों और परिसरों के निर्माण कार्यों की नींव रखी गई। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में सीमा पर तैनात जवानों और उनके परिवारों के कल्याण को केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैन्य और अर्धसैनिक बलों की सुविधाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों में व्यापक सुधार किए गए हैं।
अपने वक्तव्य के दौरान गृह मंत्री ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व एसएसबी के विभिन्न आयोजनों में राज्य के पूर्व नेतृत्व और मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया जाता रहा है, लेकिन उन्होंने ऐसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में भाग लेना कभी आवश्यक नहीं समझा। वर्तमान राजनीतिक स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने शुभेंदु अधिकारी की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पूरा प्रशासनिक और राजनीतिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कई महत्वपूर्ण सुरक्षा परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण के मामलों को औपचारिक कागजी प्रक्रियाओं के पूरा होने से पहले ही आपसी बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा रहा है। इसी क्रम में बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आवश्यक 29 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है।
पश्चिम बंगाल की सीमा से जुड़े विभिन्न आंतरिक और बाहरी विषयों पर बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठ की समस्या को रोकने के लिए पूर्व में ममता बनर्जी की सरकार से बार-बार अनुरोध किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद सीमा पर आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे सुरक्षा उपायों को लागू करने में बाधाएं आईं। इसके साथ ही उन्होंने बंगाल की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रणनीतिक दृष्टिकोण से सिलीगुड़ी कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गृह मंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाली एक अत्यंत संवेदनशील कड़ी है। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पूरे सिलीगुड़ी क्षेत्र में निगरानी तंत्र को अत्यधिक सतर्क और मजबूत कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल और भूटान जैसे मित्र राष्ट्रों के साथ भारत की खुली सीमाओं की सुरक्षा करना एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह जिम्मेदारी एसएसबी द्वारा बहुत ही कुशलता और समर्पण के साथ निभाई जा रही है। खुली सीमाओं पर अवैध गतिविधियों और घुसपैठ को रोकना एक कठिन परीक्षा है, जिसमें एसएसबी के जवान दिन-रात मुस्तैदी से डटे हुए हैं।
