मुख्यमंत्री विजय थलपति ने 5000 एकड़ की परियोजना रद्द कर नई जगह तलाशने का ऐलान किया

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तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट को लेकर बड़ा और अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विजय थलपति ने घोषणा की है कि परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को रद्द कर दिया गया है। यह वही महत्वाकांक्षी योजना थी जिसके तहत चेन्नई के पास करीब 5,000 एकड़ भूमि पर नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित किया जाना था। अब सरकार इस परियोजना के लिए किसी दूसरी उपयुक्त जगह की तलाश करेगी।

यह फैसला राज्य की सबसे चर्चित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक पर नया मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे थे। ऐसे में सरकार ने अब नई लोकेशन पर एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।

परंदूर परियोजना क्यों थी महत्वपूर्ण?

चेन्नई का मौजूदा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लगातार बढ़ते यात्री और कार्गो ट्रैफिक का दबाव झेल रहा है। इसी वजह से शहर के लिए एक दूसरे बड़े एयरपोर्ट की योजना तैयार की गई थी। परंदूर को रणनीतिक रूप से उपयुक्त स्थान मानते हुए यहां लगभग 5,000 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक एयरपोर्ट विकसित करने की तैयारी की गई थी।

इस परियोजना का उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाली हवाई यात्रा की मांग को पूरा करना, अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाना और तमिलनाडु को एक बड़ा एविएशन हब बनाना था।

मुख्यमंत्री विजय थलपति का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री विजय थलपति ने स्पष्ट किया कि सरकार परंदूर में एयरपोर्ट निर्माण की योजना आगे नहीं बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अब ऐसी नई जगह की पहचान करेगी जहां विकास और स्थानीय लोगों के हितों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सके।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नया स्थान तय करते समय पर्यावरणीय प्रभाव, बुनियादी ढांचा, यातायात संपर्क और स्थानीय समुदाय की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी।

नई जगह की तलाश होगी प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत अभी भी बनी हुई है। इसलिए परियोजना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, बल्कि उसका स्थान बदला जाएगा। विशेषज्ञों की मदद से ऐसे विकल्पों का अध्ययन किया जाएगा जो भविष्य की हवाई यातायात जरूरतों को पूरा कर सकें और विकास कार्यों में कम से कम सामाजिक व पर्यावरणीय बाधाएं आएं।

नई जगह तय होने के बाद परियोजना से जुड़े तकनीकी सर्वे, भूमि उपलब्धता और कनेक्टिविटी का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।

चेन्नई के विकास पर क्या होगा असर?

चेन्नई दक्षिण भारत का प्रमुख औद्योगिक, आईटी और व्यापारिक केंद्र है। ऐसे में दूसरा एयरपोर्ट शहर की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और पर्यटन को नई गति देने वाली परियोजना माना जा रहा है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि नया एयरपोर्ट किस स्थान पर बनाया जाएगा और परियोजना का नया रोडमैप कब सामने आएगा।

तमिलनाडु सरकार की नई रणनीति

मुख्यमंत्री विजय थलपति ने संकेत दिया कि राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाते समय जनता की चिंताओं और दीर्घकालिक योजना दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है। यही कारण है कि परंदूर परियोजना को रद्द कर अब वैकल्पिक स्थान की तलाश शुरू की जाएगी।

इस फैसले को चेन्नई के भविष्य के एयरपोर्ट विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीति परिवर्तन माना जा रहा है। आने वाले समय में सरकार नई लोकेशन और परियोजना की विस्तृत रूपरेखा सार्वजनिक कर सकती है।

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