CJP का बड़ा ऐलान: 5 सितंबर को इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक निकलेगा मार्च, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

नई दिल्ली में एक बार फिर युवाओं के आंदोलन की आवाज तेज होने वाली है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर 2026 को राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक यह मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर जाएगा। CJP ने केंद्र सरकार पर 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है।
पार्टी का कहना है कि इस मार्च में देशभर से छात्र, युवा संगठन और युवा नागरिक शामिल हो सकते हैं। प्रदर्शन की कमान उन परिवारों के हाथों में होगी, जिन्होंने NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में अपने बच्चों को खोया है या आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का सामना किया है।
क्यों नाराज है CJP?
CJP के मुताबिक पार्टी की नेशनल वर्किंग कमेटी ने हाल ही में बैठक कर 25 जुलाई 2026 को युवाओं से किए गए वादों की स्थिति की समीक्षा की। पार्टी का दावा है कि इन्हीं आश्वासनों के आधार पर देशभर में चल रहे युवा विरोध प्रदर्शनों को वापस लिया गया था।
CJP का आरोप है कि वादों को लागू करने के बजाय सरकार पिछले एक महीने से मामले को टाल रही है। पार्टी के अनुसार, FIR वापस लेने और युवाओं को दिए गए आश्वासनों पर अब तक स्पष्ट लिखित भरोसा नहीं मिला है।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में दर्ज FIR की जानकारी मांगी थी, ताकि सभी मामलों पर एक साथ विचार किया जा सके। इसके बावजूद CJP का कहना है कि सरकार ने सभी मामलों को वापस लेने को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दिखाई।
5 सितंबर को होगा विरोध मार्च
CJP ने कहा है कि सरकार की ओर से कथित तौर पर वादों को पूरा करने में देरी के बाद अब पार्टी ने दोबारा सड़क पर उतरने का फैसला किया है। 5 सितंबर का मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की बात कही गई है।
पार्टी ने अपने समर्थकों और युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की है। मार्च का उद्देश्य सरकार पर युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने का दबाव बनाना बताया गया है।
पहले भी आंदोलन कर चुकी है CJP
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश में लंबे समय तक छात्र आंदोलन चला था। इसी दौरान CJP समेत विभिन्न समूहों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए थे। आंदोलन के बीच तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया था।
उस समय पार्टी की प्रमुख मांगों में आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए FIR वापस लेना भी शामिल था। अब CJP का कहना है कि सभी मामलों को वापस नहीं लिया गया है, जिसके चलते पार्टी ने फिर से विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
CJP ने सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि युवाओं का धैर्य उनकी कमजोरी नहीं है। पार्टी के अनुसार, यदि किए गए वादों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 5 सितंबर का दिल्ली मार्च सरकार के खिलाफ नए विरोध अभियान की शुरुआत बन सकता है।
