77वें गणतंत्र दिवस पर आयुष मंत्रालय की झांकी ने दिखाई पारंपरिक चिकित्सा की आधुनिक तस्वीर

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयुष मंत्रालय की झांकी ने दर्शकों का खास ध्यान आकर्षित किया। इस झांकी के माध्यम से भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपराओं को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत रूप में प्रस्तुत किया गया। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि झांकी का विषय ‘आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र’ रखा गया था, जो आत्मनिर्भर भारत और जन-केंद्रित विकास की राष्ट्रीय सोच के अनुरूप है।
झांकी में यह दर्शाया गया कि भारत का सभ्यतागत दृष्टिकोण हमेशा से स्वास्थ्य और खुशहाली को केंद्र में रखता आया है। इसमें आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोव-रिग्पा और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से उभारा गया। झांकी के जरिए यह संदेश दिया गया कि ये पद्धतियां न केवल उपचार में सहायक हैं, बल्कि निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने के साथ-साथ समुदाय आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सशक्त बनाती हैं।
आयुष मंत्रालय की यह प्रस्तुति भारत की समृद्ध विरासत और भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच सेतु के रूप में नजर आई, जिसने परंपरा और नवाचार के संतुलन को खूबसूरती से दर्शाया।
