डिग्री विवाद पर बिहार की राजनीति गरमाई, विधान परिषद से विधानसभा तक हंगामा

Untitled-4
Share this post

बुधवार को बिहार की राजनीति में उस समय तीखा टकराव देखने को मिला जब बिहार विधान परिषद में मंत्री अशोक चौधरी और एमएलसी सुनील सिंह आमने-सामने आ गए। विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सुनील सिंह ने सदन में आरोप लगाया कि मंत्री की डिग्री नकली है। यह आरोप सुनते ही माहौल गर्म हो गया और अशोक चौधरी ने कड़े शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि आरोप साबित किए जाएं, नहीं तो इस्तीफा दिया जाए। इसके बाद सदन में शोरगुल बढ़ गया और सत्ता व विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणियां करने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख मंत्री विजय चौधरी ने हस्तक्षेप किया और बिना दस्तावेज किसी पर आरोप लगाने को नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने ऐसे आरोप कार्यवाही से हटाने की बात कही, जिसके बाद कुछ देर के लिए माहौल शांत हुआ, लेकिन विवाद पूरी तरह थमा नहीं।

सुनील सिंह ने फिर खड़े होकर रिश्वत से जुड़ा एक नया आरोप सामने रखा और कहा कि एक अधिकारी ने पत्र लिखकर पैसे मांगे जाने की बात कही है। उन्होंने दावा किया कि इससे जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे। इस बयान के बाद एक बार फिर सदन में हलचल तेज हो गई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

अशोक चौधरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जवाब लेना नहीं बल्कि उन्हें निशाना बनाना है। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक हमला है। उनके इस जवाब पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया।

इधर बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन भी राजनीतिक माहौल गर्म रहा। जनता दल यूनाइटेड के विधायक विनय चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने राजद को सबक सिखा दिया है। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा, जिससे विधानसभा में भी माहौल गरम बना रहा।

पूरे घटनाक्रम के बाद साफ है कि आरोप और जवाबी हमलों के बीच बिहार की राजनीति में तनाव और तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *