ईरान युद्ध संकट के बीच बिहार सरकार की बड़ी पहल, खाड़ी देशों में फंसे बिहारियों के लिए जारी हेल्पलाइन
पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात और ईरान युद्ध संकट के बीच बिहार सरकार ने अपने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाया है। खाड़ी देशों और आसपास के क्षेत्रों में काम कर रहे बिहार के हजारों लोग मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री Nitish Kumar के निर्देश पर राज्य सरकार ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रवासी बिहारी सीधे संपर्क कर सकें और समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
सरकार का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कई परिवार अपने विदेश में रह रहे परिजनों को लेकर चिंतित हैं। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और उसके असर से पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में बिहारी कामगार, पेशेवर और छोटे व्यवसायी निवास करते हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था की है कि किसी भी आपात स्थिति में जानकारी और मदद तुरंत उपलब्ध कराई जा सके।
अधिकारियों के अनुसार यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी। इसके जरिए न केवल संकट में फंसे लोग सीधे अपनी समस्या बता सकेंगे, बल्कि उनके परिजन भी राज्य सरकार से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ले सकेंगे। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर हर जरूरी कदम उठाएं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि हालात और गंभीर होते हैं तो अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी तंत्र को सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी आपात सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। कई परिवारों ने हाल के दिनों में विदेश में रह रहे अपने परिजनों की चिंता जताई थी, जिसके बाद यह पहल और तेज की गई।
राज्य सरकार का यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। हेल्पलाइन जारी होने के बाद लोगों में भरोसा बढ़ा है कि जरूरत पड़ने पर सरकार उनके साथ खड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के समय इस तरह की त्वरित पहल न केवल प्रशासनिक सतर्कता दर्शाती है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी मजबूत करती है।
बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए विदेश जाते हैं और खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य के लिए अहम जिम्मेदारी बन जाती है। मौजूदा संकट के बीच यह हेल्पलाइन व्यवस्था सरकार की सक्रियता और संवेदनशीलता का प्रतीक मानी जा रही है।
