बिहार वेटनरी कॉलेज परिसर में नवनिर्मित भवन का निरीक्षण, किसानों और पशुपालकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण का लाभ

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बिहार वेटनरी कॉलेज परिसर में आज पशुपालन निदेशालय तथा राज्य स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने भवन में उपलब्ध कराई गई आधुनिक सुविधाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के समय यह बताया गया कि इस केंद्र के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को उन्नत तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक प्रबंधन से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपने कार्य में प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

नवनिर्मित भवन में प्रशिक्षण कक्ष, संसाधन केंद्र और तकनीकी सहायता से जुड़ी सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां किसान और पशुपालक सीधे आकर पशुपालन से जुड़ी नई जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। विशेष रूप से पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक, रोग नियंत्रण और आधुनिक पशुपालन पद्धतियों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे किसानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उनकी आय में भी इजाफा होगा।

निरीक्षण के दौरान यह भी कहा गया कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के हित में लगातार ठोस कदम उठा रही है। पशुपालन और कृषि को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए सरकार का फोकस प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और संसाधनों की उपलब्धता पर है। इस प्रशिक्षण केंद्र के शुरू होने से राज्य के अलग-अलग जिलों से आने वाले किसानों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलने की सुविधा मिलेगी।

राज्य स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना भी है। यहां से प्राप्त ज्ञान के माध्यम से किसान अपने पशुपालन व्यवसाय को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ा सकेंगे। इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, पशुओं की बेहतर देखभाल और लागत में कमी आने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि जब किसानों और पशुपालकों को सही जानकारी और प्रशिक्षण मिलेगा, तो वे बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि राज्य में दूध और अन्य पशु उत्पादों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

पशुपालन निदेशालय और प्रशिक्षण केंद्र के इस नए भवन को ग्रामीण विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत कृषकों और पशुपालकों को सशक्त बनाकर गांवों में ही रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह केंद्र बिहार के पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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