इंदौर दूषित पेयजल मामले में सख्त हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई

MOHAN-YADAB

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में सामने आई दूषित पेयजल की गंभीर घटना को लेकर राज्य सरकार की ओर से की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर इंदौर नगर निगम के आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपर आयुक्त का इंदौर से तत्काल तबादला करने और अधीक्षण अभियंता से जल वितरण से जुड़ा प्रभार वापस लेने के भी आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि इंदौर की इस घटना के बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से जुड़े मामले में हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के समक्ष स्थिति रिपोर्ट पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में अब तक की गई कार्रवाई और उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। न्यायालय इस मामले की 6 जनवरी को विस्तृत सुनवाई करेगा।

सरकार का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जल आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इंदौर की इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में जल गुणवत्ता और वितरण प्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि आम जनता को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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