सीएम डॉ. यादव ने पेश की सादगी की मिसाल, बैलगाड़ी में बैठकर सगाई करने पहुंचे बेटे और होने वाली बहू, देखें Videos

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डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. ईशिता पटेल की उज्जैन में हुई सगाई
सीएम डॉ. यादव के बेटे की शादी कल सामूहिक विवाह सम्मेलन में
सादा जीवन-उच्च विचार और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं प्रदेश के मुखिया

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश-प्रदेश के सामने बड़ी मिसाल पेश की है। धूमधाम से करने की बजाए उन्होंने अपने बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की सगाई बेहद सादगी और शालीन तरीके से की। 29 नवंबर को उज्जैन में हुई इस सगाई में न तो धड़कनें बढ़ाने वाला डीजे था, न जोड़े ने किसी सुपर लग्जरी कार से एंट्री की। जीवन का नया अध्याय शुरू करने जा रहे इस जोड़े ने बैलगाड़ी से इंगेजमेंट वेन्यू में एंट्री की। अभिमन्यु और डॉ. ईशिता पटेल ने एक-दूसरे को परिवार के सामने अंगूठी पहनाई। अभिमन्यु और ईशिता की शादी 30 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर ब्रिज के पास शिप्रा तट पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में होगी। इस तरह का आयोजन कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साबित किया कि उनका जीवन बेहद साधारण और समाज को समर्पित है।

गौरतलब है कि सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु और डॉ. ईशिता पटेल की शादी सादगी की वजह से चर्चा का विषय बन गई है। दोनों की सगाई शादी के ठीक एक दिन पहले हुई। इंगेजमेंट वेन्यू पर जाने से पहले दोनों ने बड़ों का आशीर्वाद लिया और फिर बैलगाड़ी पर सवार हो गए। इस दौरान शगुन के रूप में डीजे की जगह ढोल-नगाड़े बज रहे थे। सगाई के कार्यक्रम स्थल पहुंचते ही परिवारवालों ने दोनों का स्वागत किया। कार्यक्रम में दोनों ने महंगे आउटफिट जगह साधारण कपड़े ही पहने।

इतनी साधारण होगी शादी
बता दें, डॉ. अभिमन्यु और डॉ. ईशिता की शादी बेहद साधारण तरीके से होगी। दोनों 30 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर ब्रिज के पास शिप्रा तट पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में सात फेरे लेंगे। यानी, उनके साथ-साथ 20 अन्य जोड़ों की भी शादी होगी। इसके लिए बांटे गए कार्ड में सीएम डॉ.यादव ने लिखा है- ‘बेटे के शुभ विवाह को हमारे परिजनों की शुभेच्छानुसार सामूहिक विवाहोत्सव में परिणीत किया है, सामाजिक सरोकार के पावन उद्देश्य से रचे पगे सामूहिक विवाह समारोह के उल्लास में सामाजिक समरसता और सद्भाव से परिपूर्ण इस सामूहिक परिणय मंगल समारोह में 21 नवयुगल परिणय बंधन में गुंथित होंगे। इन्हीं 21 जोड़ो के साथ गठबंधन में सप्तपदी सप्तवचनों के साथ मेरे सुपुत्र भी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करेंगे। इस पवित्र आयोजन में आपका आगमन हमारा और नवयुगलों का परम सौभाग्य होगा। सभी नवदम्पत्ति आपके आशीर्वाद से अभिसिंचित होकर सौभाग्यशाली होंगे। आपके पधारने से कार्यक्रम की गरिमा में भी अभिवृद्धि होगी।’

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