इंडिगो पर DGCA की बड़ी कार्रवाई: CEO को नोटिस, 800 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने पर 24 घंटे में जवाब तलब

देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से गुजर रही है। लगातार कई दिनों से बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने और यात्रियों के फंस जाने की घटनाओं के बीच, नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स और एकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्क्यूरस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक ने दोनों अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है कि आखिर क्यों एयरलाइन यात्रियों को राहत देने और समय पर उड़ानें संचालित करने में विफल रही।
नोटिस में DGCA ने साफ कहा कि इंडिगो स्वीकृत उड़ान समय सीमा मानदंडों के तहत संशोधित जरूरतों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं करने में नाकाम रही, जिसके कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। हजारों यात्रियों को हवाईअड्डों पर घंटों फंसे रहना पड़ा, जबकि कई उड़ानें आखिरी समय पर रद्द की गईं। DGCA ने इसे एयरलाइन की योजना और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक करार दिया है।
बीते पांच दिनों से इंडिगो का परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित है, जिससे स्थिति और बिगड़ गई है। इसके चलते भारत के विभिन्न हवाईअड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें और अव्यवस्था देखने को मिली। फ्लाइट कैप्टन और क्रू की अचानक उपलब्धता में कमी, नई ड्यूटी समय सीमा की चुनौतियाँ और शेड्यूलिंग में खामियों को मौजूदा संकट का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इस बढ़ते हंगामे को देखते हुए नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंत्रालय के उच्च अधिकारियों तथा इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स के साथ आपात समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में मंत्री ने एयरलाइन से तुरंत कदम उठाने, यात्रियों को राहत देने और परिचालन स्थिर करने के निर्देश दिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की परेशानी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं। सबसे पहले, एयरलाइंस पर सख्त किराया सीमा लागू की गई है, ताकि संकट का लाभ उठाकर किसी प्रकार की मनमानी न की जा सके। साथ ही, रद्द उड़ानों के लिए यात्रियों को तत्काल रिफंड देने का आदेश जारी किया गया है। अगर एयरलाइन रिफंड या मुआवजे में देरी करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इंडिगो ने मंगलवार को भी 800 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिससे स्थिति और खराब हो गई। एयरलाइन ने कहा है कि वह परिचालन को जल्द बहाल करने की दिशा में कार्य कर रही है, लेकिन यात्रियों के गुस्से और सरकार की सख्ती ने उस पर दबाव बढ़ा दिया है।
DGCA का नोटिस इंडिगो के लिए एक बड़ा झटका है और यह स्पष्ट संकेत है कि नियामक अब परिचालन खामियों को लेकर कोई नरमी नहीं बरतने वाला। आने वाले 24 घंटे में इंडिगो का जवाब और उठाए गए कदम यह तय करेंगे कि संकट कितनी जल्दी नियंत्रण में आ पाएगा।
