दीघा में गंगा घाटों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, जेपी सेतु के पास पक्का घाट और गंगा आरती के निर्देश

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दीघा क्षेत्र में गंगा किनारे आम लोगों और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आज जेपी सेतु के निकट दीघा में गंगा घाट का निरीक्षण किया गया, जिसमें गंगा तट के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान जेपी सेतु के पास स्थित दीघा पाटी पुल घाट और मीनार घाट को लोगों के लिए और अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सुंदर और पक्का घाट निर्माण के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के समय यह बात सामने आई कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सुबह और शाम के समय गंगा किनारे टहलने, ध्यान और सैर के लिए आते हैं। ऐसे में पक्का घाट बनने से न केवल लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी, बल्कि गंगा तट का स्वरूप भी और आकर्षक होगा। इसके साथ ही घाट क्षेत्र में सौंदर्यीकरण के कार्य करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि यह स्थान शहर की पहचान और एक प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित हो सके।

गांधी घाट की तर्ज पर दीघा पाटी पुल घाट पर नियमित रूप से गंगा आरती शुरू करने के निर्देश पर्यटन विभाग को दिए गए हैं। गंगा आरती शुरू होने से यह स्थान धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। इसके अलावा घाटों पर रोशनी, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी पर्यटकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

निरीक्षण के बाद जेपी सेतु के समानांतर बनाए जा रहे नए सिक्स लेन गंगा ब्रिज के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। यह नया सिक्स लेन पुल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन को और अधिक सुगम, तेज और सुरक्षित बनाएगा।

इस पुल के चालू होने से न केवल पटना शहर के ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क भी मजबूत होगा। व्यापार, उद्योग, पर्यटन और दैनिक आवागमन के लिहाज से यह पुल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। निरीक्षण के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, प्रगति और सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

कुल मिलाकर दीघा क्षेत्र में गंगा घाटों का विकास, गंगा आरती की शुरुआत और सिक्स लेन गंगा ब्रिज का निर्माण, बिहार में बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से गंगा तट न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि शहर के लोगों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल और पर्यटन स्थल के रूप में भी उभरेगा।

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