मौसम का बड़ा अलर्ट: कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा, दिल्ली समेत उत्तर भारत में आंधी, कई इलाकों में लू का कहर जारी

देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। एक ओर कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी और लू का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम की ताजा परिस्थितियों को देखते हुए देश के कई इलाकों के लिए भारी बारिश, आंधी-तूफान और गर्म हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आने वाले दिनों में मौसम की यह स्थिति आम जनजीवन, कृषि गतिविधियों और यातायात पर प्रभाव डाल सकती है।
पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों और पश्चिम बंगाल के हिमालयी तराई क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जलभराव, भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है क्योंकि तेज बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं बिहार, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराइक्काल में भी तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून की प्रगति किसानों के लिए राहतभरी खबर मानी जा रही है क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और जल स्रोतों में भी सुधार होगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर बारिश होने से खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उधर उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले दो दिनों तक तेज हवाओं और आंधी की संभावना बनी हुई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम अचानक बदल सकता है। तेज हवा चलने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। लोगों को खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी आंधी और गरज-चमक वाला मौसम देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में मौसम की अस्थिरता के कारण बिजली गिरने की घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
इसके विपरीत देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में लू चलने की संभावना व्यक्त की गई है। दिन के समय तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर देश में मौसम की स्थिति बेहद विविध बनी हुई है। कहीं भारी बारिश और आंधी का खतरा है तो कहीं गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। आने वाले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ने के साथ मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
