खजुराहो योग महोत्सव 2026 में बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव, योग से बनेगा स्वस्थ और जागरूक समाज

विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में आयोजित “योग महोत्सव 2026” कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए योग और भारतीय संस्कृति के महत्व को विस्तार से समझाया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 25 दिवसीय काउंटडाउन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग प्रेमी, साधक, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह भारतीय जीवन शैली और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि खजुराहो जैसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थल पर योग महोत्सव का आयोजन होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। योग और खजुराहो दोनों ही भारत की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं, जो दुनिया को भारतीय सभ्यता की गहराई और जीवन दर्शन से परिचित कराते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग लोगों के लिए एक सकारात्मक समाधान बनकर उभरा है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है ताकि हर आयु वर्ग के लोग इससे जुड़ सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें।
डॉ. यादव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में योग को सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़ते हुए कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से युवाओं को योग के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि समाज शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी राष्ट्र भी मजबूत और प्रगतिशील बन सकेगा।
खजुराहो में आयोजित इस योग महोत्सव के दौरान विभिन्न योग सत्र, ध्यान अभ्यास और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। सुबह के समय ऐतिहासिक मंदिरों की पृष्ठभूमि में सामूहिक योगाभ्यास ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। देश-विदेश से आए पर्यटकों और योग साधकों ने भी इस आयोजन में रुचि दिखाई और भारतीय योग परंपरा की सराहना की।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन के साथ प्रदेशभर में योग से जुड़े कई कार्यक्रमों की शुरुआत भी की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग योग को अपनाकर स्वस्थ, जागरूक और आत्मिक रूप से समृद्ध जीवन की ओर आगे बढ़ें।
