खरीफ कृषि मेला 2026 में बड़ा ऐलान: हिसार में खुलेगा मिलेट्स रिसर्च सेंटर, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

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हरियाणा में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने हिसार स्थित Chaudhary Charan Singh Haryana Agricultural University में आयोजित खरीफ कृषि मेला 2026 का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को एक साझा मंच पर लाना रहा, ताकि खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया, जिनमें 21 महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि हिसार की धरती मेहनत और समृद्धि का प्रतीक रही है और यहां के किसानों ने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और खेती में आधुनिक तरीकों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई पुस्तकों का भी विमोचन किया गया, जिनमें कपास, तिलहन और अन्य फसलों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से किसानों को खेती के बेहतर तरीके, नई किस्मों और फसल प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान एक और महत्वपूर्ण पहल की घोषणा करते हुए भिवानी जिले के गोकुलपुरा गांव में 64 एकड़ भूमि पर बने पोषक अनाज अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन किया। करीब 11.67 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य मिलेट्स यानी मोटे अनाज की उन्नत किस्मों का विकास करना है। यह केंद्र ऐसे बीज तैयार करेगा जो बीमारियों और कीटों से कम प्रभावित हों, जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रह सके और उत्पादन में बढ़ोतरी हो सके।

इसके साथ ही यह अनुसंधान केंद्र मिलेट्स के आटे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके भी विकसित करेगा, जिससे किसानों को अपने उत्पाद को बेहतर तरीके से बाजार में बेचने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें बाजार से सीधे जोड़ा जा सके।

यह केंद्र मिलेट्स से जुड़े नए उत्पादों के विकास और उनकी आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों पर भी काम करेगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पोषक अनाज को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। आज के समय में जब स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, ऐसे में मिलेट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है और यह केंद्र इस मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

कुल मिलाकर, यह पहल हरियाणा के किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है, जहां उन्हें आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और बाजार से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे। इससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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