महिदपुर को मिली 207 करोड़ की विकास सौगात, मुख्यमंत्री मोहन यादव बोले- सिंहस्थ 2028 और किसानों के भविष्य को मिलेगी नई ताकत

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उज्जैन जिले के महिदपुर क्षेत्र को विकास की नई सौगात देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 207 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से तैयार 19 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि महिदपुर केवल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र कृषि, जल संरक्षण और भविष्य के विकास की संभावनाओं का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद इस पूरे क्षेत्र पर बना हुआ है और यही नदी किसानों की समृद्धि तथा कृषि उत्पादन की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सामाकोटा बैराज का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के जल संरक्षण को नई दिशा देने वाली साबित होगी। लगभग 188 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह बैराज भूजल स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद को संरक्षित करने का यह प्रयास आने वाले वर्षों में कृषि विकास के साथ-साथ सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा उप स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और विद्युत उपकेंद्रों के नए भवनों का लोकार्पण भी क्षेत्र के विकास को गति देने वाला कदम माना जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान समय में उज्जैन और उसके आसपास के क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन मार्ग महिदपुर की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे परिवहन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने महिदपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अपनी प्रसिद्ध मावा-बाटी और गुलाटी के लिए जाना जाता है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से जुड़ी मान्यताओं के कारण भी इसका विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने डोंगला स्थित आधुनिक ऑब्जर्वेटरी को प्रदेश की वैज्ञानिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में डोंगला को समय निर्धारण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सिंचित क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आने वाले वर्षों में इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई है और सोयाबीन उत्पादकों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने महिलाओं और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

महिदपुर की ऐतिहासिक विरासत का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भूमि वीरता, संघर्ष और गौरव की प्रतीक रही है। स्वतंत्रता आंदोलन और ऐतिहासिक घटनाओं में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विकास, संस्कृति, कृषि और इतिहास का अनूठा संगम महिदपुर को प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रों में स्थापित करता है और आने वाले वर्षों में यहां विकास की गति और तेज होने की उम्मीद है।

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