राज्यपाल मंगुभाई पटेल का किसानों को संदेश: आधुनिक कृषि तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी किसानों की आय

किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का वास्तविक लाभ खेतों तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वैज्ञानिक केवल शोध और प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहें, बल्कि किसानों को नई कृषि तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दें, ताकि किसान स्वयं इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें।
राज्यपाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और वर्तमान समय में मौसम की अनिश्चितताओं तथा प्राकृतिक चुनौतियों के कारण किसानों को नई तकनीकों की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस हो रही है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों को ऐसी तकनीकों से परिचित कराएं जो फसलों की सुरक्षा बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने और पैदावार में वृद्धि करने में सहायक हों। उन्होंने सुझाव दिया कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को कृषि अनुसंधान केंद्रों में नियमित रूप से आमंत्रित किया जाए, जहां उन्हें आधुनिक कृषि यंत्रों, स्मार्ट खेती और नवीन कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा सके।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की सामूहिक चेतना, प्रेरणा और संकल्प का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के ऐसे लोगों की कहानियां सामने आती हैं जिन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रयासों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। यह कार्यक्रम लोगों को प्रेरित करता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकारें किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में तकनीकी सुधार लाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की कृषि क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में ड्रोन तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर महिलाओं को प्रशिक्षित करने की पहल की जा रही है, जिससे कृषि कार्यों में आधुनिकता और दक्षता दोनों आएंगी।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने गुजरात में कृषि विकास से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि कृषि मेलों और वैज्ञानिकों के सीधे किसानों से संवाद की पहल ने किसानों तक नई तकनीकों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी प्रकार की पहलें देश के अन्य हिस्सों में भी कृषि विकास को नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच मजबूत संवाद से खेती की कई चुनौतियों का समाधान संभव है।
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में विकसित किए गए आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का अवलोकन भी किया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे उपकरण कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और किसानों की मेहनत के संयुक्त प्रयासों से भारतीय कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत कृषि किट भी वितरित किए गए तथा कृषि नवाचारों और नई तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। यह आयोजन किसानों, वैज्ञानिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
