देशभर में ग्रीन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है सरकार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटक सुरक्षा पर खास जोर

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केंद्र सरकार ने संसद को सोमवार को बताया कि पर्यटन मंत्रालय देशभर में ग्रीन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतिगत पहलों, राष्ट्रीय रणनीतियों और सुरक्षा केंद्रित कार्यक्रमों को लागू कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य पर्यटन के सतत विकास के साथ-साथ पर्यावरण और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखना है।

पर्यटन मंत्रालय ने इको-टूरिज्म के विकास के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है, जिसे सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया है। यह रणनीति पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक का काम करेगी। मंत्रालय के समग्र दृष्टिकोण के तहत इको-टूरिज्म को विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पर्यटन योजनाओं में भी शामिल किया जा रहा है।

पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बुनियादी ढांचे को प्रोत्साहित करने के लिए होटल स्टार वर्गीकरण दिशानिर्देशों में इको-फ्रेंडली उपायों को अनिवार्य किया गया है। इनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, वर्षा जल संचयन, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन, वायु, जल और प्रकाश प्रदूषण नियंत्रण तथा रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग में नॉन-सीएफसी उपकरणों के उपयोग जैसे प्रावधान शामिल हैं।

इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय ने सतत पर्यटन के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति भी तैयार की है, जिसके अनुरूप ‘ट्रैवल फॉर लाइफ’ (Travel for Life – TFL) कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों और पर्यटन व्यवसायों को जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन प्रथाएं अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

पर्यटक सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। हालांकि सुरक्षा और कानून व्यवस्था राज्य का विषय है, लेकिन पर्यटन मंत्रालय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समर्पित टूरिस्ट पुलिस इकाइयों की तैनाती की गई है।

पर्यटकों की सहायता के लिए पर्यटन मंत्रालय 24×7 बहुभाषी टूरिस्ट हेल्पलाइन भी संचालित कर रहा है। यह टोल-फ्री नंबर 1800-111-363 और शॉर्ट कोड 1363 पर उपलब्ध है। यह हेल्पलाइन हिंदी, अंग्रेजी सहित 12 भाषाओं में सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं भी शामिल हैं, ताकि संकट में फंसे घरेलू और विदेशी पर्यटकों को त्वरित सहायता मिल सके।

सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल’ पहल के तहत निर्भया फंड के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे महिला पर्यटकों की सुरक्षा और संरक्षा को और मजबूत किया जा सके।

इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यटन विभागों तथा अन्य हितधारकों के साथ मिलकर ‘सुरक्षित और सम्मानजनक पर्यटन के लिए आचार संहिता’ को अपनाया है। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की गरिमा, सुरक्षा और शोषण से संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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