फ्रांस में मोदी-मैक्रों की अहम वार्ता, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी पर जोर

फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच ऐतिहासिक विला केरीलोस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस के बीच विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार, नवाचार और रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं राष्ट्रपति मैक्रों के साथ यूरोप और विदेश मामलों के फ्रांसीसी मंत्री जीन-नोएल बैरो तथा फ्रांस सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। औपचारिक बैठक के अलावा दोनों नेताओं ने विला केरीलोस परिसर में ‘वॉक एंड टॉक’ सत्र के दौरान भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने नीस स्थित पैलेस दे एक्सपोजिशन में आयोजित तीन दिवसीय ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। यह आयोजन भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और नवाचार तंत्र को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और निवेशक वैश्विक निवेशकों तथा नवाचार फंड्स के साथ भागीदारी कर रहे हैं।
‘भारत इनोवेट्स’ में भारत के 120 से अधिक उभरते स्टार्टअप और 20 से ज्यादा उत्कृष्ट अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थान हिस्सा ले रहे हैं। ये संस्थान और स्टार्टअप 13 महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में अपने नवाचारों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में दुनिया भर से 350 से अधिक प्रमुख निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारत की प्रतिभा और यूरोप की पूंजी के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और रक्षा नवाचार जैसे क्षेत्रों में वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में वर्तमान में दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और देश ‘टेक्नोलॉजी फॉर ह्यूमैनिटी’ के सिद्धांत पर आधारित मानव-केंद्रित नवाचार मॉडल को आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में कई देश व्यापार और रणनीतिक सहयोग करते हैं, लेकिन कुछ ही रिश्ते ऐसे होते हैं जो साझा दृष्टिकोण और समान मूल्यों पर आधारित होते हैं। उन्होंने भारत और फ्रांस की साझेदारी को विश्वास, साझा हितों और भविष्य की समान सोच पर आधारित एक स्थायी संबंध बताया।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत को वैश्विक नवाचार शक्ति बताते हुए कहा कि आज सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार कर रहा है या नहीं, बल्कि यह है कि दुनिया भारत के साथ मिलकर नवाचार कैसे करेगी। उन्होंने भारत की विशाल इंजीनियरिंग प्रतिभा और चंद्रयान मिशन जैसी उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसे भारत की तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक बताया।
मैक्रों ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ भारत और फ्रांस के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस पहल के पहले अंतरराष्ट्रीय संस्करण की मेजबानी करना फ्रांस के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को स्वतंत्र भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई भी दी।
कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति और कई प्रमुख उद्योगपति एवं निवेशक भी मौजूद रहे।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और तकनीकी बदलावों के दौर में भारत एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में 2.3 लाख से अधिक स्टार्टअप विकसित हुए हैं। उन्होंने फ्रांसीसी उद्योग जगत को भारत में निवेश, डिजाइन, नवाचार और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ाने का आमंत्रण भी दिया।
गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध अब विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच चुके हैं, जिसमें नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जो इस पहल को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और स्टार्टअप संस्थापकों, शोधकर्ताओं तथा निवेशकों से बातचीत कर उनके नवाचारों की जानकारी प्राप्त की। फ्रांस के नीस शहर में पहुंचने के साथ प्रधानमंत्री मोदी के छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे की शुरुआत हुई है। अपने दो देशों के इस दौरे के दूसरे चरण में वह आज रात स्लोवाकिया के लिए रवाना होंगे।
