NEET विवाद पर इस्तीफे के बाद पहली बार बोले धर्मेंद्र प्रधान, कहा- Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई

Untitled-4

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो सप्ताह बाद दिए अपने बयान में प्रधान ने कहा कि छात्र समुदाय से उन्हें कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं थी, लेकिन प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने Gen Z यानी युवा पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की।

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए NEET विवाद और युवा पीढ़ी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि Gen Z देश के बच्चे हैं और उनके साथ किसी भी तरह की व्यक्तिगत समस्या नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, भारत में हर साल करीब दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में लगभग 20 करोड़ युवा इस पीढ़ी का हिस्सा बने हैं। इन युवाओं की अपनी आकांक्षाएं और सपने हैं तथा यही पीढ़ी आने वाले समय में भारत को विश्व गुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधान ने कहा कि उन्हें मंत्री पद का कोई मोह नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उनका यह बयान शिक्षा मंत्री के पद से हटने के बाद पहली बार NEET विवाद को लेकर उनकी विस्तृत प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है।

NEET पेपर लीक विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था और कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका और शिक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी विपक्ष और प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से सवाल उठाए गए थे। अब प्रधान ने अपने पक्ष को रखते हुए कहा है कि युवा पीढ़ी को प्रभावित करने या गुमराह करने की कोशिश की गई।

भुवनेश्वर के बाद रायराखोल में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। दरअसल, प्रधान के कार्यक्रम के दौरान हवाई अड्डे के पास बीजद के युवा और छात्र संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान उनके खिलाफ गो बैक के नारे लगाए गए।

प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधान ने कहा कि उन्हें इस तरह के विरोध से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि अगर उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाएगा, तब भी वह वापस आएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्होंने ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा करने वाला कोई काम किया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि नवीन पटनायक उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्मिंदगी और बुरा व्यक्ति बताते हैं। प्रधान का दावा है कि बीजद अध्यक्ष युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन में शामिल कर रहे हैं। इस तरह NEET विवाद पर बयान देने के साथ-साथ उन्होंने राज्य की राजनीति को लेकर भी नवीन पटनायक पर हमला बोला।

प्रधान के ताजा बयान के बाद NEET विवाद, छात्र प्रदर्शनों और ओडिशा की राजनीति को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है। खास तौर पर Gen Z को लेकर उनकी टिप्पणी चर्चा में है, क्योंकि यह बयान उनके शिक्षा मंत्री पद से हटने के बाद आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed