नितिन गडकरी बोले- भारत की परिवहन व्यवस्था होगी विश्वस्तरीय, दिल्ली-देहरादून सफर अब सिर्फ 2 घंटे

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत की परिवहन व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर देते हुए कहा है कि देश की परिवहन प्रणालियां वैश्विक मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उनका मानना है कि नागरिकों को सुरक्षित, तेज, सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। नई दिल्ली में आयोजित बसवर्ल्ड भारत सम्मेलन 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि भारत का परिवहन क्षेत्र अब केवल लागत तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, सुविधा और पर्यावरण संतुलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

नितिन गडकरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश में उच्च गुणवत्ता वाले राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का तेजी से विकास हुआ है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हुआ है और विभिन्न राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। उन्होंने बताया कि सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने का सीधा लाभ आम नागरिकों, व्यापार, उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को मिल रहा है। बेहतर सड़कें न केवल समय बचाती हैं, बल्कि ईंधन की खपत कम करके आर्थिक बचत भी सुनिश्चित करती हैं।

उन्होंने दिल्ली और देहरादून के बीच बने आधुनिक एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इस यात्रा में आठ से नौ घंटे तक का समय लग जाता था, लेकिन अब यह दूरी लगभग दो घंटे में पूरी की जा सकती है। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है और उत्तराखंड जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। यह बदलाव केवल यात्रा समय में कमी नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

गडकरी ने बताया कि सरकार देशभर में 36 नए एक्सप्रेस राजमार्गों का विकास कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है। इन एक्सप्रेसवे के जरिए माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योगों को फायदा होगा और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की रफ्तार तेज होगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ छोटे शहरों और गांवों तक भी पहुंचना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि देश के हर हिस्से को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिल सके। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और क्षेत्रीय असमानता कम होगी।

परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण में अब पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। हरित राजमार्ग, वन्यजीव कॉरिडोर और टिकाऊ निर्माण तकनीकों का उपयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 36 नए एक्सप्रेसवे समय पर पूरे हो जाते हैं, तो भारत का सड़क परिवहन नेटवर्क दुनिया के सबसे मजबूत नेटवर्क में शामिल हो सकता है। इससे न केवल घरेलू यात्रा आसान होगी, बल्कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किसी भी देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ माना जाता है।

नितिन गडकरी का यह बयान स्पष्ट करता है कि आने वाले वर्षों में भारत की परिवहन व्यवस्था और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और तेज होने जा रही है। यह केवल सड़क निर्माण की बात नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास और नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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