प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय की वार्ता, आतंकवाद विरोध और व्यापार सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित अल हुसैनिया पैलेस में जॉर्डन के सम्राट किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक स्वागत प्रदान किया गया। दोनों नेताओं के बीच प्रतिबंधित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं हुईं, जिनमें भारत और जॉर्डन के बीच ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पूर्व की मुलाकातों को स्मरण करते हुए कहा कि यह यात्रा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि भारत और जॉर्डन इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए किंग अब्दुल्ला द्वितीय की प्रतिबद्धता की सराहना की।
किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ से निपटने में जॉर्डन के सम्राट के नेतृत्व और वैश्विक प्रयासों में उनके योगदान की प्रशंसा की।
वार्ताओं में व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, उर्वरक और कृषि, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल तकनीक, महत्वपूर्ण खनिज, अवसंरचना, स्वास्थ्य एवं औषधि, शिक्षा और क्षमता निर्माण, पर्यटन और विरासत, संस्कृति तथा जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि भारत जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और दोनों देशों के बीच अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने जॉर्डन की डिजिटल भुगतान प्रणाली को भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जोड़ने पर भी बल दिया।
उर्वरक क्षेत्र में सहयोग पर भी व्यापक चर्चा हुई। जॉर्डन भारत के लिए फॉस्फेटिक उर्वरकों का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है और भारत की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दोनों देशों की कंपनियों के बीच जॉर्डन में निवेश को लेकर बातचीत जारी है।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के महत्व पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्थायी शांति के लिए चल रहे प्रयासों को भारत का समर्थन दोहराया।
इस यात्रा के अवसर पर भारत और जॉर्डन के बीच संस्कृति, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों को अंतिम रूप दिया गया। इसके अलावा पेट्रा और एलोरा के बीच ट्विनिंग व्यवस्था पर भी सहमति बनी, जिससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वार्ता के बाद किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्डन के सम्राट को भारत आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
