पेरिस में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, जी-7 समिट के बाद भारत-फ्रांस साझेदारी को मिलेगी नई उड़ान

जी-7 शिखर सम्मेलन में महत्वपूर्ण बैठकों और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की राजधानी पेरिस पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रवासी भारतीयों में विशेष उत्साह देखने को मिला। पेरिस पहुंचते ही उन्होंने भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और उनके स्नेह एवं समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक विकास और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, उपलब्धियां और सामाजिक योगदान भारत की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय ने भारत और फ्रांस को एक-दूसरे के और करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्हें दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने आर्थिक विकास, तकनीकी सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक शासन से जुड़े विषयों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से विकासशील देशों की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया और इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक समृद्धि तभी संभव है जब दुनिया के सभी देशों को समान अवसर और संसाधनों तक निष्पक्ष पहुंच मिले।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधनों और बैठकों में ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की जरूरतों और चुनौतियों को समझे बिना वैश्विक प्रगति की कल्पना अधूरी है। भारत लंबे समय से समावेशी विकास, निष्पक्ष व्यापार और तकनीक तक समान पहुंच जैसे मुद्दों की वकालत करता रहा है और भविष्य में भी इन विषयों पर अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेगा।
पेरिस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त रहने वाला है। उनकी यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘वीवा टेक 2026’ में भागीदारी मानी जा रही है। यह दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी और नवाचार मंचों में से एक है, जहां वैश्विक स्तर की कंपनियां, स्टार्टअप्स, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ एकत्र होते हैं। प्रधानमंत्री का संबोधन भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के साथ एक विशेष कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस दौरान वे प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे और उनके अनुभवों तथा सुझावों को सुनेंगे। माना जा रहा है कि यह संवाद दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत और फ्रांस के संबंधों को नई गति देने वाली साबित हो सकती है। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत सहयोग मौजूद है। पेरिस में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों से इस साझेदारी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, तकनीकी नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई संभावनाओं को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर उभरी है। यह यात्रा आने वाले समय में भारत-फ्रांस संबंधों को और अधिक मजबूत तथा व्यापक बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
