पश्चिम एशिया युद्ध का असर: पटना एयरपोर्ट से कतर-दुबई उड़ानें रद्द, 50 से अधिक यात्री फंसे

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इसका सीधा प्रभाव पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। कतर और दुबई जाने वाली कई उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को ऐसे 50 से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे, जो अपने रोजगार, पढ़ाई या पारिवारिक कारणों से विदेश जाने वाले थे।

एयरपोर्ट पर उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया जब यात्रियों को यह सूचना दी गई कि उनकी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। कई यात्री पहले से ही चेक-इन प्रक्रिया पूरी कर चुके थे और बोर्डिंग का इंतजार कर रहे थे। अचानक आई इस सूचना ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जिन्होंने कतर या दुबई में नौकरी जॉइन करने के लिए टिकट बुक कराया था। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्होंने वीजा बनवाने और टिकट खरीदने के लिए कर्ज तक लिया था।

यात्रियों का कहना है कि उन्हें समय रहते स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे वे असमंजस की स्थिति में रहे। कई लोग घंटों तक एयरपोर्ट परिसर में बैठे रहे और एयरलाइन अधिकारियों से समाधान की उम्मीद करते रहे। कुछ यात्रियों ने वैकल्पिक उड़ान की मांग की, जबकि अन्य ने टिकट रिफंड और नई तारीख की जानकारी चाही। हालांकि एयरलाइन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उड़ानें रद्द करने की बात कही गई, लेकिन यात्रियों की चिंता आर्थिक नुकसान को लेकर अधिक थी।

विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बन गई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले कई लोग तय समय पर नहीं पहुंच पाने की स्थिति में अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा है। जिन लोगों ने एजेंट के माध्यम से प्रक्रिया पूरी की थी, उन्हें अतिरिक्त शुल्क और देरी का भी सामना करना पड़ सकता है। कुछ परिवारों ने बताया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर यात्रा की तैयारी की थी और अब अचानक सब कुछ अनिश्चित हो गया है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को सामान्य रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की और यात्रियों को शांत रहने की अपील की। साथ ही यह भी कहा गया कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उड़ानों को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जाएगी। फिलहाल यात्रियों को अगली सूचना का इंतजार है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर स्थानीय स्तर पर भी गहराई से महसूस किया जाता है। पटना एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों की परेशानी इस वैश्विक संकट का एक उदाहरण बन गई है, जहां उम्मीद और अनिश्चितता के बीच लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

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