विकसित भारत 2047 के सबसे बड़े दूत हैं देश के युवा:

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा है कि भारत के युवा विकसित भारत 2047 के सबसे बड़े दूत हैं और देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनकी भूमिका निर्णायक होगी। वे आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता के फाइनल के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्रों के जीवंत, अनुशासित और प्रेरणादायक प्रदर्शन की खुले दिल से सराहना की।
संजय सेठ ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करते हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रप्रेम और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय बालिका दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में बालिकाओं की सशक्त और प्रभावी भागीदारी यह दर्शाती है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम अब साफ नजर आने लगे हैं।
इस वर्ष राष्ट्रीय विद्यालय बैंड प्रतियोगिता के फाइनल में देश के 11 राज्यों से कुल 18 बैंड टीमों ने हिस्सा लिया। समापन समारोह के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने विजेता और प्रतिभागी टीमों को पुरस्कार भी प्रदान किए। ब्रास बैंड बालक श्रेणी में महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित संजीवनी सैनिक स्कूल और जूनियर कॉलेज ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। वहीं ब्रास बैंड बालिका श्रेणी में केरल के कोझीकोड की प्रोविडेंस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल को पहला स्थान मिला।
पाइप बैंड बालिका श्रेणी में रांची के कांके स्थित पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ने बाजी मारी, जबकि पाइप बैंड बालक श्रेणी में रांची के धुर्वा स्थित कैरली स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रधानमंत्री के पंच प्रण की याद दिलाते हुए संजय सेठ ने युवाओं से राष्ट्र को सर्वोपरि रखने और एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
