अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक कई राज्यों में मूसलाधार वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी सक्रियता के साथ बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर और अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार होने वाली वर्षा के कारण कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले तीन दिनों तक मानसून का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है। बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के तराई वाले क्षेत्रों और सिक्किम में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इन इलाकों में लगातार वर्षा के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इन क्षेत्रों में बीच-बीच में तेज बारिश के साथ बादलों की गरज और बिजली चमकने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी क्योंकि लगातार वर्षा के कारण सड़कें प्रभावित हो सकती हैं और कुछ स्थानों पर भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, कराईकल, छत्तीसगढ़, झारखंड और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ होने वाली वर्षा से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका भी बनी रह सकती है।
लगातार सक्रिय मानसून के कारण किसानों के लिए यह बारिश कई फसलों के लिहाज से लाभदायक साबित हो सकती है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव होने से नुकसान की संभावना भी रहेगी। वहीं, शहरों में रहने वाले लोगों को जलभराव, ट्रैफिक जाम और दैनिक गतिविधियों में व्यवधान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आवश्यक होने पर ही यात्रा करने, मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। आने वाले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून का प्रभाव बना रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता और सावधानी ही किसी भी संभावित परेशानी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय होगी।
