आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को मिली नई रफ्तार, देश में 94 करोड़ के करीब बने ABHA ID, मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे

TN5-Bhopal100726084207

देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में नई दिल्ली में आयोजित मिशन संचालन समूह की तीसरी बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि अब देशभर में तैयार हो चुकी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों को सुरक्षित, सरल और भरोसेमंद डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी राज्यों और संबंधित संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।

बैठक में डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिल रही है। साथ ही नागरिक अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित तरीके से डिजिटल माध्यम पर संजोकर आवश्यकता पड़ने पर अपनी सहमति के आधार पर कहीं भी उपयोग कर सकते हैं। इससे इलाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन रही है तथा मरीजों को बार-बार मेडिकल रिकॉर्ड साथ रखने की आवश्यकता भी कम हो रही है।

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। देशभर में अब तक 93.95 करोड़ से अधिक एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी हैं, जबकि 105 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड इस प्लेटफॉर्म से जोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा 5.33 लाख से अधिक स्वास्थ्य संस्थान और लगभग 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। डिजिटल पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लगभग 24 करोड़ स्कैन एंड रजिस्टर टोकन भी जारी किए जा चुके हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश तेजी से डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है।

बैठक में राज्यों में मिशन के क्रियान्वयन, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के एकीकरण, निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों की भागीदारी, स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने माना कि भविष्य में एआई आधारित तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सटीक, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मध्यप्रदेश की ओर से उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य मिशन की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही करीब 20 हजार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री और लगभग 18 हजार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 533 स्वास्थ्य संस्थानों में स्कैन एंड शेयर सुविधा सक्रिय रूप से संचालित हो रही है। इस सुविधा के माध्यम से अब तक 1 करोड़ 7 लाख 70 हजार से अधिक ओपीडी पंजीयन टोकन जारी किए जा चुके हैं। इससे मरीजों का अस्पतालों में पंजीयन पहले की तुलना में अधिक तेज, सुविधाजनक और पारदर्शी हुआ है। डिजिटल व्यवस्था के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में समय की बचत होने के साथ-साथ रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक प्रभावी बन रहा है।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े शेष कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विस्तार से आने वाले समय में मरीजों, डॉक्टरों और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी। डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था की यह पहल भारत को भविष्य की आधुनिक और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed