ओडिशा में मतदाता सूची संशोधन की समयसीमा बढ़ी, अब 19 अगस्त तक कर सकेंगे दावा और आपत्ति दर्ज

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भारत निर्वाचन आयोग ने ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब राज्य के पात्र मतदाता 19 अगस्त तक अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में सुधार, नए नाम जोड़ने अथवा किसी त्रुटि के संबंध में दावा और आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। आयोग के इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने और रिकॉर्ड की त्रुटियों को समय रहते ठीक कराने का अवसर प्रदान करना है।

निर्वाचन आयोग ने इससे पहले विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी क्रम में ओडिशा में 5 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा प्रकाशित किया गया था। इसके बाद नागरिकों के लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 5 जुलाई से 4 अगस्त तक निर्धारित की गई थी। इस दौरान मतदाता अपने नाम से जुड़ी किसी भी त्रुटि को ठीक कराने या नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते थे।

बाद में ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयोग से समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस प्रक्रिया का लाभ उठा सकें। इस अनुरोध पर विचार करने के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि को बढ़ाकर 19 अगस्त तक करने का फैसला लिया। यह विशेष पुनरीक्षण 1 जुलाई को अर्हता तिथि मानकर किया जा रहा है, जिसके आधार पर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़े या संशोधित किए जाएंगे।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब दावा और आपत्ति प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा उनकी जांच, नोटिस जारी करने और सभी मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया 17 सितंबर तक पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी आवश्यक सुधारों और संशोधनों को शामिल करते हुए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 सितंबर को किया जाएगा। आयोग का मानना है कि इस अतिरिक्त समय से अधिक लोगों को अपनी जानकारी सही कराने का अवसर मिलेगा और अंतिम मतदाता सूची पहले की तुलना में अधिक सटीक और अद्यतन होगी।

निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया है कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए अधिसूचना को राज्य के राजपत्र के विशेष अंक में प्रकाशित करने के साथ-साथ सभी संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही आयोग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि नागरिकों को नई समयसीमा और प्रक्रिया की जानकारी विभिन्न माध्यमों से समय पर मिल सके, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

मतदाता सूची का नियमित अद्यतन लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि केवल पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल हों और चुनाव के दौरान सभी योग्य मतदाताओं को अपने मताधिकार का उपयोग करने का समान अवसर मिले। निर्वाचन आयोग का यह निर्णय ओडिशा में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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