नीट पेपर लीक पर संसद में जोरदार हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित

नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर संसद के दोनों सदनों में एक बार फिर तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा। इसी कारण सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी और पूरे दिन का राजनीतिक माहौल इस मुद्दे के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा।
लोकसभा में सुबह कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नीट पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया। अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल को नियमों के अनुसार संचालित करने का प्रयास किया और कहा कि प्रश्नकाल सरकार से जवाब मांगने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए यह भी याद दिलाया कि सरकार पहले ही नीट मामले पर चर्चा के लिए अपनी सहमति दे चुकी है। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य अपने विरोध पर कायम रहे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने विपक्ष से बार-बार अनुरोध किया कि वह सदन के संचालन में सहयोग करे और चर्चा के माध्यम से अपनी बात रखे। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा तय की गई तिथि और समय के अनुसार दोनों सदनों में नीट पेपर लीक सहित सभी संबंधित विषयों पर चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही देश को आश्वस्त कर चुके हैं कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष से आग्रह किया कि वह इस मुद्दे पर शर्तें लगाने के बजाय चर्चा का समय तय करे ताकि छात्रों के हित में सार्थक बहस हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार देश के विभिन्न राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं, जांच की स्थिति और सुधारात्मक कदमों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार यह विषय राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सभी दलों को मिलकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए।
हालांकि सरकार की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बीचों-बीच पहुंच गए। लगातार हंगामे के कारण पीठासीन अधिकारी को कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसी तरह राज्यसभा में भी विपक्ष ने नीट पेपर लीक और छात्र विरोध का मुद्दा उठाया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका कहना था कि मंत्री की जवाबदेही तय किए बिना चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।
इस पर सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार शुरुआत से ही इस विषय पर चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष लगातार नई शर्तें जोड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले विपक्ष ने केवल चर्चा की मांग की थी और अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को नई शर्त बना दिया गया है। इस बीच राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने कार्यवाही की शुरुआत में देश के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद नीट पेपर लीक मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया और लगातार शोर-शराबे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। संसद में जारी यह गतिरोध फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा की शर्तों को लेकर बनी असहमति को दर्शाता है, जबकि देशभर के छात्र इस मुद्दे पर ठोस समाधान और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
