नीट पेपर लीक पर संसद में भारी हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित

Untitled-6

नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते दिनभर कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। कई बार सदन की कार्यवाही शुरू होने के बावजूद शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण पीठासीन अधिकारियों को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित कराने के प्रयास लगातार जारी रहे।

दिन की शुरुआत सदन में दिवंगत पूर्व सांसदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। संसद के दोनों सदनों ने हाल ही में दिवंगत हुए कई पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति योगदान को याद किया। इसके अलावा कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को भी श्रद्धांजलि दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आधुनिक कतर के निर्माण में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

श्रद्धांजलि के बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने नीट परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने सरकार से जवाब मांगते हुए इस विषय पर तत्काल चर्चा की मांग की। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन का कामकाज प्रभावित हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने, सदन की गरिमा बनाए रखने और निर्धारित कार्यसूची को आगे बढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा।

पहले स्थगन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया। विपक्षी सदस्य फिर से वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके चलते कार्यवाही को दोबारा स्थगित करना पड़ा। बाद में पीठासीन अधिकारी दिलीप सेकिया ने शून्यकाल संचालित करने का प्रयास किया और सदस्यों से कहा कि जनता ने उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्वस्थ और सार्थक बहस करने के लिए संसद भेजा है। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमा और कार्यवाही को एक बार फिर टालना पड़ा। दिनभर कई चरणों में कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन लगातार व्यवधान के चलते सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा।

राज्यसभा में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदस्यों से संयम बरतने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे। लगातार नारेबाजी के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी कई बार स्थगित करनी पड़ी और निर्धारित विधायी कार्य प्रभावित हुए।

इस दौरान राज्यसभा में नवनियुक्त और पुनर्नियुक्त सदस्यों ने शपथ भी ग्रहण की। विभिन्न राजनीतिक दलों के नए सदस्यों ने सदन की सदस्यता की शपथ ली। इसके बाद सदन ने अपने दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाद में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी नीट परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामे के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।

नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर संसद में जारी गतिरोध ने स्पष्ट कर दिया कि यह मुद्दा मौजूदा सत्र का सबसे प्रमुख राजनीतिक विषय बन चुका है। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनने के कारण संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष इस मुद्दे पर किसी समाधान तक पहुंचते हैं या फिर संसद का शेष सत्र भी इसी तरह के राजनीतिक टकराव और लगातार हंगामे के बीच आगे बढ़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed