पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश को दी 18 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, भोगपुरम एयरपोर्ट समेत कई परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के भोगपुरम में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान लगभग 18 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं हैं, बल्कि आंध्र प्रदेश की तेज़ी से बदलती विकास यात्रा का प्रतीक भी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सड़क, हवाई, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी ये योजनाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “इन्वेस्टमेंट से रोजगार” है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक निवेश को लगातार बढ़ा रही है और निजी क्षेत्र को भी निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनके अनुसार जब निवेश बढ़ता है तो उद्योगों का विस्तार होता है, विनिर्माण क्षमता मजबूत होती है, निर्यात में वृद्धि होती है और अंततः रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। इससे लोगों की आय बढ़ती है और परिवारों का जीवन स्तर बेहतर होता है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ राज्य ने अपनी जनजातीय संस्कृति को भी नई पहचान दी है। उन्होंने 13 हजार से अधिक आदिवासी महिलाओं और युवतियों द्वारा प्रस्तुत धीमसा नृत्य की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत का शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तुति में अनुशासन, परंपरा और जनजातीय संस्कृति का गौरव स्पष्ट दिखाई दिया, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर आंध्र के विकास का नया द्वार है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, उद्योग और निवेश को नई दिशा देगी। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि इस नए हवाई अड्डे का नाम स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय नायक श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और जनसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत में संचालित हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 166 हो गई है। उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों को भी हवाई यात्रा का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि इस योजना के दूसरे चरण के लिए भी हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क और मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई परिवहन को एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। राज्य में हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेलवे परियोजनाओं पर बड़े स्तर पर काम चल रहा है। पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है और प्रमुख रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी तेज़ी से किया जा रहा है। इसके अलावा ब्लू इकोनॉमी और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आंध्र प्रदेश हमेशा नवाचार और प्रतिभा का केंद्र रहा है। उन्होंने राज्य के युवाओं की तकनीकी क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अब उन्हें सेमीकंडक्टर और अन्य भविष्य की उन्नत तकनीकी उद्योगों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है। विशाखापट्टनम में प्रस्तावित सेमीकंडक्टर प्लांट को उन्होंने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश विकसित भारत के प्रमुख विकास इंजनों में से एक बनेगा।
