प्याज किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने खरीद मूल्य में 13% बढ़ोतरी कर दिया बड़ा तोहफा

देशभर के प्याज किसानों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मूल्य स्थिरीकरण बफर के तहत प्याज की खरीद कीमत में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद अब सरकार प्याज की खरीद 1,875 रुपये प्रति क्विंटल के बजाय 2,125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी। संशोधित खरीद मूल्य तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और बाजार में प्याज की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना है।
सरकार का मानना है कि खरीद मूल्य बढ़ाने से किसानों को आर्थिक रूप से सीधा लाभ मिलेगा। अक्सर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को अपनी उपज उचित दाम पर बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी खरीद दर बढ़ने से किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। इसके साथ ही मूल्य स्थिरीकरण बफर को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की आपूर्ति बनाए रखना आसान होगा।
सरकार की ओर से मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए प्याज की खरीद लगातार जारी है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड यानी नेफेड और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड यानी एनसीसीएफ के माध्यम से किसानों से प्याज खरीदा जा रहा है। इन दोनों संस्थाओं के जरिए विभिन्न राज्यों में खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल सके।
कृषि क्षेत्र से जुड़े नवीनतम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2025-26 के दौरान देश में प्याज उत्पादन काफी अच्छा रहने की संभावना है। अनुमान है कि इस अवधि में देश में 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक प्याज का उत्पादन होगा। बेहतर उत्पादन के कारण घरेलू बाजार में आपूर्ति पर्याप्त बनी रहने की उम्मीद है, जिससे कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी की संभावना कम होगी। सरकार का उद्देश्य किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना है।
फिलहाल महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इन राज्यों में उत्पादन और भंडारण की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है, जिसके कारण बाजार में प्याज की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। पर्याप्त स्टॉक होने से देशभर में नियमित आपूर्ति बनाए रखने में भी मदद मिल रही है और उपभोक्ताओं को सामान्य कीमतों पर प्याज उपलब्ध हो रहा है।
खुदरा बाजार की बात करें तो वर्तमान में देशभर में प्याज का औसत खुदरा मूल्य लगभग 31 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। यह कीमत आम उपभोक्ताओं के लिए संतुलित मानी जा रही है। सरकार लगातार बाजार की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम कमी या जमाखोरी के कारण कीमतों में अचानक बढ़ोतरी न हो। आवश्यकता पड़ने पर बफर स्टॉक से बाजार में प्याज उपलब्ध कराकर कीमतों को नियंत्रित रखने की व्यवस्था भी की जाती है।
घरेलू मांग पूरी करने के साथ-साथ भारत से प्याज का निर्यात भी सामान्य रूप से जारी है। जून महीने के दौरान लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात किया गया, जो यह दर्शाता है कि देश में उत्पादन और उपलब्धता दोनों मजबूत स्थिति में हैं। पर्याप्त उत्पादन, बेहतर सरकारी खरीद और संतुलित निर्यात नीति के कारण आने वाले समय में भी बाजार में प्याज की आपूर्ति स्थिर रहने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने, बाजार को संतुलित रखने और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
