प्रम्बानन मंदिर में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया में की पूजा-अर्चना, साझा विरासत को मिला नया सम्मान

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इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग्याकार्ता स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर का दौरा कर भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत को नई मजबूती दी। इस दौरान उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और वहां आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। मंदिर परिसर में गूंजते ‘ॐ नमः शिवाय’ के मंत्रोच्चार ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया, जिसकी झलक प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से भी साझा की।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शांतिपूर्वक बैठकर भगवान शिव का मंत्र जाप करते दिखाई देते हैं। मंदिर में बजती घंटियों की ध्वनि और वैदिक मंत्रों के साथ पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। प्रधानमंत्री मोदी भी श्रद्धापूर्वक हाथ जोड़कर इस मंत्रोच्चार में शामिल होते दिखाई देते हैं। यह दृश्य भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और इंडोनेशिया में आज भी जीवित हिंदू सांस्कृतिक विरासत का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है।

मंदिर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने परिसर का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मंदिर के स्थापत्य, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रम्बानन मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला और प्राचीन हिंदू परंपराओं के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां की कलात्मक नक्काशी और विशाल मंदिर संरचना दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय संस्कृति के ऐतिहासिक प्रभाव को भी दर्शाती है।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैदिक परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारियों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। यह अवसर केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा विरासत को सम्मान देने का भी प्रतीक बना। इससे पहले प्रधानमंत्री ने मंदिर का हवाई दृश्य साझा करते हुए उसकी भव्यता की सराहना की थी। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मंदिर जाते समय की तस्वीर भी साझा की, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।

प्रम्बानन मंदिर विश्व के सबसे महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर परिसरों में गिना जाता है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इतिहास, कला और वास्तुकला का भी अद्भुत उदाहरण माना जाता है। हर वर्ष दुनिया भर से बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण और पुनर्स्थापन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना का भी संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य मंदिर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक उसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करना है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक, धार्मिक और कूटनीतिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही है। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम खुलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

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