प्रयागराज में छात्रों से राहुल गांधी की 47 मिनट बातचीत, बोले- युवाओं को सिस्टम ने चक्रव्यूह में फंसा दिया

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से करीब 47 मिनट तक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों से शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने आज रोजगार एक बड़ी चुनौती बन चुका है और व्यवस्था ने उन्हें एक तरह के चक्रव्यूह में फंसा दिया है।
छात्रों से संवाद के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और रील कल्चर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को लगातार रील देखने और बनाने में व्यस्त रहने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन जब रोजगार की बात आती है तो उनके सामने अवसरों की कमी दिखाई देती है। राहुल ने इसे 21वीं सदी के नशे के तौर पर बताया और कहा कि युवाओं को मनोरंजन और सोशल मीडिया में उलझाने के बजाय उनके लिए रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने उच्च शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ते अंतर को भी उठाया। उन्होंने कहा कि परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर बड़ी रकम खर्च करते हैं। युवा वर्षों तक पढ़ाई करके BA और MA जैसी डिग्रियां हासिल करते हैं, लेकिन डिग्री मिलने के बाद भी रोजगार की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिलता, तो आखिर उनकी शिक्षा और मेहनत का फायदा उन्हें किस रूप में मिलेगा।
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने रोजगार की स्थिति को लेकर एक आंकड़े का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज हजार युवाओं में से केवल करीब 12 युवाओं को स्थायी नौकरी मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति युवाओं के भविष्य और देश की अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनके मुताबिक युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का इस्तेमाल देश के विकास में होना चाहिए, लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने से बड़ी संख्या में युवा परेशान हैं।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान सात से अधिक छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। उन्होंने उनसे उनकी पढ़ाई, करियर, रोजगार और भविष्य की योजनाओं को लेकर सवाल किए। छात्रों ने भी अपनी समस्याएं और अनुभव उनके सामने रखे। इस संवाद के जरिए राहुल गांधी ने युवाओं के बीच मौजूद शिक्षा और रोजगार से जुड़ी चिंताओं को समझने की कोशिश की।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जिलों से छात्रों को बुलाया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। छात्रों के साथ सीधे संवाद के दौरान रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे। राहुल गांधी ने युवाओं से जुड़े इन सवालों को देश की राजनीति और नीतियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस कार्यक्रम में प्रियंका गांधी की बेटी मिराया भी मौजूद थीं। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने युवाओं को सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि रील देखना और बनाना अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन अगर युवा अपना अधिकतर समय इसी में बिताने लगें और शिक्षा, कौशल तथा रोजगार जैसे जरूरी मुद्दे पीछे छूट जाएं, तो यह चिंता का विषय है।
प्रयागराज में राहुल गांधी का यह कार्यक्रम मुख्य रूप से छात्रों और युवाओं के साथ संवाद पर केंद्रित रहा। उन्होंने युवाओं की समस्याओं को सामने रखते हुए रोजगार के अवसर बढ़ाने और शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उनके बयान के बाद युवाओं के बीच रोजगार और सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर उनकी कही गई बातें चर्चा में हैं।
