बिहार विधानसभा में गरमाया अतिक्रमण और खाद का मुद्दा: विजय सिन्हा बोले- ‘अंगद का पैर कोई नहीं खींच सकता’
बिहार विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान गुरुवार का दिन काफी गहमागहमी भरा रहा. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अतिक्रमण, कचरा प्रबंधन और खाद की कालाबाजारी जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. इस बहस के केंद्र में भूमि सुधार और कृषि विभाग रहे, जहां विधायकों ने धरातल की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा तो मंत्रियों ने भी अपने ही अंदाज में पलटवार किया.
कार्यवाही के दौरान जहानाबाद से राजद विधायक राहुल कुमार ने इस्लामपुर क्षेत्र का मामला प्रमुखता से उठाया. उन्होंने गैर मजरूआ जमीन पर अवैध कब्जे की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन पर लोगों ने कब्जा जमा रखा है. राहुल कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा की कार्यशैली पर भरोसा तो जताया लेकिन साथ ही एक चुटकी भी ली. उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि मंत्री जी विभाग में अच्छा काम करना चाहते हैं और सुधार की काबिलियत रखते हैं, लेकिन समस्या यह है कि उनके अपने ही लोग उनके पैर खींचने में लग जाते हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी हो जाती है.
उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने इस टिप्पणी का जवाब बेहद फिल्मी और कड़े अंदाज में दिया. उन्होंने राहुल कुमार को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके मिशन को कोई रोक नहीं सकता. सिन्हा ने कहा कि अंगद का पैर कोई खींच सकता है क्या? मेरा यह मिशन हर हाल में पूरा होकर रहेगा और अवैध कब्जे वाली जमीनों को मुक्त कराया जाएगा. उन्होंने सदन को जानकारी दी कि मार्च के महीने के बाद अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दिनों अधिकारियों की हड़ताल की वजह से कुछ देरी हुई है, लेकिन सरकार अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में बढ़ रही है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए यह भी कहा कि दवा अक्सर कड़वी होती है लेकिन वह बीमारी पर असर करती है, इसलिए जनता और जनप्रतिनिधियों को थोड़ा धैर्य रखना होगा.
अतिक्रमण के अलावा खाद की किल्लत और उसकी कालाबाजारी को लेकर भी सदन का तापमान काफी बढ़ा रहा. कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार का पक्ष रखा और सफाई दी कि किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद मुहैया कराई जा रही है. हालांकि, भाजपा विधायक नीरज बबलू ने इस पर गंभीर आरोप लगाते हुए माहौल को और गर्मा दिया. नीरज बबलू ने दावा किया कि बिहार के किसानों के हक का यूरिया सीमा पार कर नेपाल पहुंच रहा है. उन्होंने खाद की तस्करी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कालाबाजारी की वजह से स्थानीय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पूरे दिन चली इस बहस ने साफ कर दिया कि चाहे भूमि सुधार हो या कृषि, सदन के भीतर जमीन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष सरकार को छोड़ने के मूड में नहीं है. वहीं सरकार की ओर से विजय सिन्हा जैसे कद्दावर मंत्रियों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे दबाव में आए बिना अपने एजेंडे पर काम करना जारी रखेंगे.
