भारत–ओमान संबंधों को नई मजबूती: पीएम मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को भारत–ओमान संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ (प्रथम श्रेणी) से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इसकी जानकारी दी।
इस सम्मान को प्राप्त करने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सुल्तान हैथम बिन तारिक, ओमान सरकार और वहां की जनता के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ प्राप्त करना उनके लिए अत्यंत सम्मान की बात है। उन्होंने इसे भारत और ओमान के लोगों के बीच आपसी स्नेह, विश्वास और सदियों पुराने संबंधों का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत की जनता और अपने पूर्वजों को समर्पित करते हुए भारत–ओमान के ऐतिहासिक समुद्री संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मंडवी से मस्कट तक की यात्राओं के माध्यम से जिन पूर्वजों ने इन संबंधों की नींव रखी, यह सम्मान उन्हीं को समर्पित है। साथ ही उन्होंने उन नाविकों और समुद्री यात्रियों को भी श्रद्धांजलि दी, जिनके पीढ़ी-दर-पीढ़ी संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हुए।
यह सम्मान भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर और प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक मस्कट दौरे के दौरान प्रदान किया गया। यह दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और गहरे द्विपक्षीय सहयोग को दर्शाता है।
गौरतलब है कि वर्ष 1970 में दिवंगत सुल्तान काबूस बिन सईद द्वारा स्थापित ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ (सिविल ऑर्डर) सल्तनत के सर्वोच्च सम्मानों में शामिल है। यह सम्मान सार्वजनिक जीवन और द्विपक्षीय संबंधों में असाधारण योगदान के लिए विश्व के चुनिंदा नेताओं को प्रदान किया जाता रहा है। इसके पूर्व प्राप्तकर्ताओं में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शाही परिवारों के सदस्य शामिल रहे हैं।
