राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उत्तर मैसेडोनिया यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई मजबूती, कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे में राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता कर दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तर मैसेडोनिया का यह पहला आधिकारिक दौरा है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की तथा भविष्य में साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का भरोसा जताया।

राजधानी स्कोप्जे स्थित विला वोडनो में राष्ट्रपति मुर्मु का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच व्यापक स्तर पर बातचीत हुई। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दोनों नेताओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित संबंधों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने माना कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच सहयोग के नए अवसर तेजी से उभर रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग दोनों देशों के संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी, आईटीईएस, कृषि, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, बायोटेक्नोलॉजी, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनका मानना है कि इन क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा और व्यापारिक संबंध भी अधिक मजबूत होंगे।

उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को भी द्विपक्षीय रिश्तों का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच विश्वास को मजबूत बनाते हैं। विशेष रूप से क्रिएटिव इंडस्ट्री और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर दोनों देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक रचनात्मकता को वैश्विक मंच पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं।

बैठक के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु ने जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी वैश्विक पहलों में सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मंचों से जुड़ने पर उत्तर मैसेडोनिया को आधुनिक तकनीक, वैश्विक अनुभव और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने इन पहलों में उत्तर मैसेडोनिया की रुचि का स्वागत करते हुए भविष्य में साझा प्रयासों की उम्मीद जताई।

इस अवसर पर भारत ने उत्तर मैसेडोनिया के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन यानी आईटीईसी कार्यक्रम के तहत उपलब्ध प्रशिक्षण स्लॉट की संख्या दोगुनी करने की घोषणा भी की। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रपति मुर्मु की यह यात्रा मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया के राजकीय दौरे का हिस्सा है। उनके साथ भारत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है। दोनों देशों के नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह ऐतिहासिक यात्रा आने वाले वर्षों में भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और अधिक मजबूत करेगी तथा राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग के नए अध्याय खोलेगी।

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