रेलवे ने पूंजीगत खर्च में रफ्तार पकड़ी, तीन तिमाहियों में 80 फीसदी से ज्यादा बजट खर्च

भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में पूंजीगत व्यय के मोर्चे पर तेज गति दिखाई है। रेल मंत्रालय के अनुसार दिसंबर 2025 के अंत तक कुल 2 लाख 52 हजार 200 करोड़ रुपये के बजट में से 2 लाख 3,238 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, यानी अब तक 80 प्रतिशत से अधिक राशि का उपयोग हो गया है। मंत्रालय का कहना है कि यह खर्च मुख्य रूप से रेलवे की सुरक्षा, क्षमता वृद्धि, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर केंद्रित रहा है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पूंजीगत निवेश के जरिये रेलवे में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। इस दौरान 164 वंदे भारत और 30 अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत की गई, जिससे आधुनिक और तेज यात्री सेवाओं को बढ़ावा मिला। इसके अलावा ‘कवच’ स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का कार्यान्वयन किया गया है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिली है।
मंत्रालय के मुताबिक रेलवे नेटवर्क का 99 प्रतिशत से अधिक ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है, जिससे परिचालन लागत घटने के साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ा है। इसके साथ ही नई रेल लाइनों के निर्माण, गेज परिवर्तन, ट्रैक दोहरीकरण, यातायात सुविधाओं के विस्तार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निवेश और महानगरीय परिवहन प्रणालियों से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय का मानना है कि यह निरंतर पूंजीगत व्यय भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलेगा।
