विकसित भारत-जी राम जी एक्ट से गांवों की बदलेगी तस्वीर: किरेन रिजिजू

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस योजना की असली शुरुआत गांवों से होगी, क्योंकि जब गांव मजबूत होंगे तभी देश आगे बढ़ेगा।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह कानून मनरेगा से बिल्कुल अलग है और दोनों के बीच कोई समानता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में मनरेगा को इसलिए खत्म नहीं किया जा सका क्योंकि इसे कानूनी रूप से जटिल बना दिया गया था, लेकिन अब सरकार ने एक नई और अधिक प्रभावी व्यवस्था लागू की है, जिससे ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा पर करीब 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीण विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे क्षेत्रों में भी पैसा खर्च किया गया जहां रोजगार की कोई जरूरत नहीं थी, जिससे यह योजना भ्रष्टाचार का माध्यम बन गई।
रिजिजू ने बताया कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत अब ग्रामीणों को 100 की जगह 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि नई व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें पैसे के दुरुपयोग की कोई संभावना नहीं रहेगी। हर योजना की निगरानी नीचे से लेकर ऊपर तक की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत करना है, ताकि गांवों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
उत्तर प्रदेश को योजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री ने कहा कि अगर यह योजना यूपी में सफल होती है, तो इसका असर पूरे देश में दिखेगा। उन्होंने विपक्ष पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जैसे सीएए के समय लोगों को गुमराह किया गया था, वैसे ही अब भी भ्रम फैलाया जा रहा है।
रिजिजू ने कहा कि यह कानून जनता तक सीधे पहुंचेगा और लोग इसे स्वीकार करेंगे। मजदूरी से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि विषय से भटकने की जरूरत नहीं है और सरकार विकास पर केंद्रित है।
