आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र, सीएम बोले—“यह बच्चों के पोषण और मातृ स्वास्थ्य की सुरक्षा का वचन-पत्र”

विधानसभा परिसर में आज आयोजित भव्य कार्यक्रम में नवचयनित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह नियुक्ति केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बच्चों की मुस्कुराहट, उनके समुचित पोषण और माताओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा की गारंटी का वचन-पत्र भी है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—माताओं और बच्चों—के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं, इसलिए इन केंद्रों में कार्यरत सभी कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहली बार आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से संपन्न किया गया है। इससे न केवल चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनी है, बल्कि अभ्यर्थियों को आवेदन से लेकर नियुक्ति तक किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य था कि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की मानवीय त्रुटि, पक्षपात या विलंब न हो। डिजिटल सिस्टम ने इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नई नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण जागरुकता, प्री-स्कूल शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आंगनवाड़ी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में कुपोषण की चुनौतियों को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई भर्तियों से राज्य में आंगनवाड़ी व्यवस्था और मजबूत होगी तथा आने वाले समय में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
