आईएसएसएफ विश्व कप में भारत की शानदार शुरुआत, संयम ने जीता रजत पदक, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में चमका देश

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भारतीय निशानेबाजी टीम ने आईएसएसएफ विश्व कप राइफल, पिस्टल और शॉटगन प्रतियोगिता में शानदार शुरुआत करते हुए अपना पहला पदक जीत लिया है। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज संयम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने शानदार आत्मविश्वास, सटीक निशाने और निरंतर प्रदर्शन का परिचय दिया, जिसके दम पर वह फाइनल तक पहुंचीं और दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाने में सफल रहीं।

फाइनल मुकाबले में संयम ने 243.4 अंक हासिल किए और अपने करियर का दूसरा आईएसएसएफ विश्व कप पदक जीतकर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। इससे पहले भी वह जूनियर स्तर पर विश्व और एशियाई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय महिला निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और देश के लिए बड़े पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

संयम ने फाइनल में पहुंचने से पहले क्वालीफिकेशन राउंड में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 579 अंक हासिल कर शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाई और पूरे मुकाबले में लगातार संतुलित प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। निर्णायक दौर में भी उन्होंने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और अंत तक पदक की दौड़ में मजबूती से बनी रहीं। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय टीम का मनोबल भी बढ़ाया है।

इस विश्व कप में भारत का 36 सदस्यीय दल भाग ले रहा है, जिसमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन की व्यक्तिगत तथा मिश्रित टीम स्पर्धाओं में देश के कई अनुभवी और युवा निशानेबाज चुनौती पेश कर रहे हैं। टीम में ओलंपिक और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुके कई खिलाड़ी शामिल हैं, जिनसे आने वाले मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीद की जा रही है।

राइफल स्पर्धाओं में पुरुष और महिला वर्ग के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं पिस्टल वर्ग में भी अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन देखने को मिल रहा है। महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर जैसी अनुभवी निशानेबाज पर सभी की निगाहें रहेंगी, जबकि अन्य युवा खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। पुरुष वर्ग में भी कई खिलाड़ी मजबूत दावेदारी के साथ मैदान में उतर रहे हैं।

शॉटगन स्पर्धाओं में भी भारतीय टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। ट्रैप और स्कीट दोनों वर्गों में भारतीय निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा मिश्रित टीम स्पर्धाओं में भी भारत अपनी दावेदारी पेश करेगा, जहां टीम वर्क और सटीक निशानेबाजी का अहम महत्व रहेगा।

संयम का रजत पदक केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भारतीय निशानेबाजी के मजबूत भविष्य का भी संकेत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने शूटिंग खेल में लगातार उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और नई पीढ़ी के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। विश्व कप में मिली इस शानदार शुरुआत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उम्मीद की जा रही है कि आगामी स्पर्धाओं में भी भारतीय निशानेबाज पदकों की संख्या में इजाफा करेंगे। खेल प्रेमियों की निगाहें अब प्रतियोगिता के अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारत के कई स्टार निशानेबाज देश के लिए और पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे।

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