जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, भारत-इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत ने जीता दिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां उनका बेहद गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया गया। इस यात्रा की शुरुआत ही भारत और इंडोनेशिया के गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की झलक के साथ हुई। एयरपोर्ट से लेकर होटल तक हर जगह भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया। इस विशेष अवसर पर प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत रिश्तों को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
जकार्ता पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों की प्रतिभा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति जो सम्मान और अपनापन देखने को मिलता है, वह दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रमाण है। उन्होंने विशेष रूप से ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ नामक प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें भगवान बुद्ध के संदेश और उनके मूल्यों को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इंडोनेशिया में बौद्ध विरासत को जिस समर्पण के साथ संरक्षित और आगे बढ़ाया जा रहा है, वह वास्तव में सराहनीय है।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग भी होटल पहुंचे। पूरे उत्साह के साथ लोगों ने उनका अभिनंदन किया और उनके आगमन पर खुशी व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने भी सभी से आत्मीयता के साथ मुलाकात की, हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया और भारतीय समुदाय का आभार व्यक्त किया। इस दौरान वहां का उत्साहपूर्ण माहौल भारत और इंडोनेशिया के लोगों के बीच मजबूत भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता नजर आया।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने रामायण पर आधारित इंडोनेशिया की प्रसिद्ध पारंपरिक छाया कठपुतली कला ‘वायांग कुलित’ का भी शानदार प्रदर्शन देखा। इस प्रस्तुति ने भारतीय महाकाव्य रामायण को स्थानीय संस्कृति के रंगों में प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि भारत की सांस्कृतिक विरासत समुद्रों की सीमाओं को पार कर विभिन्न देशों में नए स्वरूप के साथ आज भी जीवित है। उन्होंने कलाकारों के समर्पण और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे साझा सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने भरतनाट्यम की आकर्षक प्रस्तुति की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह देखकर गर्व होता है कि भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपराएं विदेशों में भी पूरी निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ संरक्षित की जा रही हैं। उन्होंने कलाकारों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाती हैं।
इस राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल सहयोग, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाए जाने के बाद यह पहली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है।
प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय संस्कृति और हिंदू स्थापत्य कला का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा वे इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे और दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश देंगे।
प्रधानमंत्री के स्वागत को और भी विशेष बनाने के लिए इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश के दौरान एस्कॉर्ट किया। एयरपोर्ट पर उच्चस्तरीय स्वागत और भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इस यात्रा को यादगार बना दिया। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग के नए अवसर भी खोलेगा।
