शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी, सेंसेक्स 521 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,430 के पार बंद

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सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का रुझान अभी भी इक्विटी बाजार की ओर बना हुआ है। दिनभर खरीदारी का माहौल देखने को मिला और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। बेहतर निवेश धारणा और चुनिंदा सेक्टरों में अच्छी खरीदारी के कारण बाजार ने पूरे सत्र के दौरान सकारात्मक रुख बनाए रखा।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का सेंसेक्स 521 अंकों की बढ़त के साथ 78,285 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 160 अंक मजबूत होकर 24,430 के स्तर पर पहुंच गया। लगातार चार दिनों से जारी इस तेजी ने निवेशकों के उत्साह को और बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू संकेतों और चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी की वजह से बाजार को सहारा मिला।

बड़े सूचकांकों के अलावा व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी मजबूती के साथ बंद हुआ। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेश केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।

हालांकि बाजार में तेजी के बावजूद सभी कंपनियों के शेयरों में समान प्रदर्शन नहीं रहा। सेंसेक्स में शामिल कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और बजाज फिनसर्व जैसे बड़े शेयरों में भी बिकवाली का असर देखने को मिला। इन शेयरों में कमजोरी के बावजूद अन्य मजबूत शेयरों ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

दिन के कारोबार में एचडीएफसी बैंक सबसे बड़े लाभ वाले शेयरों में शामिल रहा। बैंकिंग सेक्टर में मजबूत खरीदारी के चलते इसके शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इन कंपनियों में निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने प्रमुख सूचकांकों को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी, निजी बैंकिंग और मिड-स्मॉल प्राइवेट बैंकिंग से जुड़े सूचकांकों में अच्छी तेजी देखने को मिली। रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी दर्ज की गई, जबकि निजी बैंकिंग क्षेत्र ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। इसके विपरीत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से जुड़े सूचकांक में गिरावट रही। इसके अलावा आईटी और अस्पताल क्षेत्र के शेयरों में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे कुछ सेक्टरों पर दबाव बना रहा।

हालांकि प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए, लेकिन बाजार की समग्र तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही। बीएसई पर गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से अधिक रही। कारोबार के दौरान लगभग 2,286 कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि करीब 2,055 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं 203 कंपनियों के शेयरों में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार की तेजी मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े और प्रभावशाली शेयरों के दम पर रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के संकेतों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल जारी रहता है तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल लगातार चौथे दिन की बढ़त ने बाजार में विश्वास को मजबूत किया है और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल बना हुआ है।

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