बिटकॉइन जून के बाद पहली बार $1 लाख के नीचे, क्रिप्टो बाजार में हड़कंप

वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन की कीमत जून 2025 के बाद पहली बार 1 लाख डॉलर के नीचे फिसल गई। कारोबार के दौरान बिटकॉइन लगभग 7.4 प्रतिशत लुढ़ककर 96,800 डॉलर के आस-पास ट्रेड करता दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार यह कीमत अपने हाल के उच्चतम स्तर से करीब 20 प्रतिशत कम है।
बाज़ार विश्लेषकों ने बताया कि लेवरेज्ड पोज़िशन के तेजी से लिक्विडेट होने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की जोखिम से दूरी ने इस गिरावट को तेज किया है।
अन्य क्रिप्टोकरेंसी भी टूटे
बिटकॉइन की गिरावट का असर अन्य डिजिटल मुद्राओं पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया।
Ethereum,
Solana,
तथा अन्य प्रमुख टोकन
में 3 से 15 प्रतिशत तक की तेज गिरावट दर्ज की गई।
बाज़ार पूंजीकरण में कुल मिलाकर लगभग ₹12.4 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया है।
गिरावट के प्रमुख कारण
लेवरेज्ड ट्रेडिंग पोज़िशन का भारी मात्रा में लिक्विडेशन
ग्लोबल आर्थिक माहौल में अनिश्चितता
निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता में कमी
बाज़ार विशेषज्ञों ने बताया कि मौजूदा हालात में क्रिप्टोकरेंसी टोकनों पर दबाव बना रह सकता है।
हालाँकि कुछ विश्लेषक इस स्थिति को अल्पकालिक मानते हैं और उम्मीद जताते हैं कि आने वाले समय में संस्थागत निवेश एवं क्रिप्टो ETF में बढ़ती दिलचस्पी, बिटकॉइन की कीमतों में सुधार ला सकती है।
लेकिन भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाज़ार की चाल को प्रभावित करते रहेंगे।
बिटकॉइन की कीमत $1 लाख के नीचे जाना बाज़ार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। डिजिटल संपत्तियों में निवेश करने वालों को विशेषज्ञ फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
