वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत की शानदार शुरुआत, अनाहत सिंह और आर्यवीर दीवान पहुंचे प्री-क्वार्टर फाइनल

वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश व्यक्तिगत चैंपियनशिप में भारत के युवा खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया है। महिला वर्ग में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत सिंह और पुरुष वर्ग में पांचवीं से आठवीं वरीयता हासिल करने वाले आर्यवीर दीवान ने अपने-अपने मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीतकर राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय स्क्वैश प्रशंसकों की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है, वहीं अब उनकी नजरें अगले दौर में भी इसी लय को बरकरार रखने पर टिकी हैं।
महिला वर्ग में अनाहत सिंह ने राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में हांगकांग की पुई यिन चोले लो के खिलाफ शुरुआत से ही पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को किसी भी समय वापसी का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रामक तथा सटीक खेल का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 11-3, 11-1 और 11-3 के अंतर से अपने नाम कर लिया। इस प्रभावशाली जीत के साथ अनाहत ने अंतिम 16 में जगह पक्की कर ली। अब अगले दौर में उनका मुकाबला मलेशिया की डोयस ये सैन ली से होगा। अनाहत इस प्रतियोगिता में भारत के लिए पहली जूनियर विश्व चैंपियन बनने का सपना लेकर उतरी हैं और उनका मौजूदा प्रदर्शन इस लक्ष्य की ओर मजबूत कदम माना जा रहा है।
पुरुष वर्ग में आर्यवीर दीवान ने भी शानदार खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के जोसेफ फीस्ट के खिलाफ पूरे मुकाबले में बेहतरीन नियंत्रण बनाए रखा और लगातार तीन गेम 11-4, 11-3 और 11-3 के अंतर से जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया। उनकी आत्मविश्वास से भरी जीत ने यह संकेत दिया कि वह टूर्नामेंट में आगे भी चुनौती पेश करने की क्षमता रखते हैं। अब राउंड ऑफ 16 में उनका सामना अमेरिका के यासीन शालाबी से होगा, जहां मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धी रहने की उम्मीद है।
हालांकि सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए दिन उतना सफल नहीं रहा। गुरवीर सिंह, युशा नफीस, सान्वी कलंकी, रुद्र सिंह और अनिका दुबे को अपने से बेहतर वरीयता प्राप्त खिलाड़ियों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उनका अभियान समाप्त हो गया। इन खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन अनुभवी और उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के सामने जीत हासिल नहीं कर सके।
टूर्नामेंट के दूसरे दिन कई अन्य रोमांचक मुकाबले भी देखने को मिले। ब्राजील की लॉरा सिल्वा ने दो गेम से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 3-2 से जीत लिया और अंतिम 16 में अपनी जगह बनाई। इसी तरह मलेशिया की हरलीन टैन ने भी कठिन परिस्थितियों में वापसी करते हुए जीत दर्ज की। इंग्लैंड, हांगकांग, सऊदी अरब और मिस्र के कई खिलाड़ियों ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और अधिक रोमांचक हो गया है।
भारतीय टीम के लिए फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीदें अनाहत सिंह और आर्यवीर दीवान पर टिकी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास, तकनीकी कौशल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया है, उससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि वे आगे के मुकाबलों में भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। यदि वे अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं, तो इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने की संभावना काफी मजबूत दिखाई देती है।
